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नए प्लान से होगा रेत खदानों का ठेका
bhaskar news
| Jul 29, 2012, 08:16AM IST

उनका कहना था कि रेत खदानों को ग्राम पंचायत के माध्यम से नीलाम करने की योजना को निरस्त कर दिया गया है। अब रेत खदानों के लिये नया प्लान बनाया जा रहा है। प्लान के अंतर्गत छोटे-छोटे ग्रुप बनाने या फिर दो-तीन जिलों के ग्रुप बनाकर रेत खदानों का ठेका करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
उनका कहना था कि रेत खदानें बदलती रहती है, इसलिए स्थायी नहीं किया जा सकता। खदानों की स्थिति बारिश के बाद परिवर्तित हो जाती है। माइनिंग कारपोरेशन को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि नये प्लान के आधार पर खदानों को कंट्रोल किया जाएगा।
रेट के लिये रेग्युलरिटी अथॉरिटी पर विचार - प्रदेश में रेत के दामों को कंट्रोल करने के लिये रेग्युलरिटी अथॉरिटी बनाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि रेत के दाम खदान से सप्लाई स्थल की दूरी के आधार पर तय होते हैं। इसलिए एक से दाम तय करना बहुत मुश्किल काम है।
केन्द्र बनाए कानून - प्रदेश से दूसरे राज्यों को होने वाली रेत एवं गिट्टी की दूसरे राज्यों में सप्लाई होने की बात पर श्री शर्मा का कहना था कि इसके लिये केन्द्र सरकार को पहल कर कानून बनाना चाहिए। हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।
अवैध उत्खनन का सिर्फ हल्ला- रेत सहित अन्य माइनिंग के अवैध उत्खनन के सवाल पर श्री शर्मा का कहना था कि कुछ लोगों द्वारा जबर्दस्ती हल्ला किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। फिर भी प्रदेश में दूसरे राज्यों की अपेक्षा सबसे ज्यादा अवैध उत्खनन के प्रकरण बनाए गए हैं।
राजस्व में कई गुना वृद्धि- उनका कहना था कि रेत से राजस्व में दिग्विजय सिंह सरकार से कई गुना आय में वृद्धि हुई है। पूर्व सरकार के कार्यकाल में 372 करोड़ राजस्व था, आज बढ़कर यह 3700 करोड़ हो गया है। अवैध उत्खनन में पकड़े जाने पर जुर्माना भी बढ़ाया गया है।
राजस्व अमले का उपयोग - अवैध उत्खनन एवं परिवहन को रोकने के लिये अमले की कमी पर उनका कहना था कि राजस्व अमले के माध्यम से हम कार्रवाई कर रहे हैं। रेत की डिमांड बढ़ने से गड़बड़ियां हो रही हैं, लेकिन अवैध उत्खनन के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई की गई है और आगे भी की जाएगी। फोटो- केके






