वाहन डीलरों के हाथ हुए मजबूत, खरीदारों के लिए मुसीबत

जबलपुर। आने वाले दिनों में वाहन डीलरों के हाथ और अधिक मजबूत होने जा रहे हैं। इसकी वजह क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा 'डीलर्स प्वॉइंट एनरोल सिस्टम' चालू करना है। प्रक्रिया आगामी तीन-चार दिनों में शुरू होने जा रही है, इसके बाद वाहन स्वामी के एडे्रस और एज प्रूफ सहित समस्त जरूरी दस्तावेजों की जिम्मेदारी डीलरों की होगी, कुल-मिलाकर वाहन स्वामी को आरटीओ के बजाय अब वाहन डीलरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
जानकारी के मुताबिक कार्यालय में अब तक 27 से अधिक वाहन डीलरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हालांकि प्रक्रिया शुरू होने से आवेदकों को बार-बार आरटीओ आने से मुक्ति मिल जाएगी। सारे जरूरी दस्तावेज डीलरों के माध्यम से कार्यालय तक पहुंच जाएंगे, उसके बाद डाक विभाग पंजीयन कार्ड आवेदकों के घर तक पहुंचा देगा। पहले डीलर वाहन खरीददारों से एडे्रस और एज प्रूफ की डिमांड नहीं करते थे, लेकिन अब नई प्रक्रिया के तहत यह लेना अनिवार्य हो रहा है। इसकी डिमांड वह अभी से आवेदकों से करने लगे हैं, ताकि प्रक्रिया शुरू पर उन्हें कोई परेशानी न हो। सबसे अधिक परेशानी सब डीलरों को होगी, क्योंकि यह डीलरों के भरोसे हो जाएंगे।
डीलर करेंगे मनमानी
भले ही नई प्रक्रिया शुरू होने से आवेदकों की परेशानी थोड़ी कम हो जाए, लेकिन इससे डीलरों की मनमानी बढऩा तय है। वे वाहन स्वामी से वाहन राशि के अलावा, आरटीओ के काम कराने के नाम पर भी अतिरिक्त वसूली करेंगे, जो आवेदकों की जेब पर भारी पड़ेगी। इस प्रक्रिया में ऑनलाइन फॉर्म डीलर द्वारा भरा जाएगा। फॉर्म में वाहन स्वामी के टैक्स की स्थिति, उसका गाड़ी नंबर, घर का पता आदि सभी कुछ फीड करने के बाद सारी जानकारी कम्प्यूटर के माध्यम से आरटीओ भेजी जाएगी। इधर, डीलर और आरटीओ के कम्प्यूटर एक-दूसरे से सर्वर के माध्यम से जुड़े रहेंगे, जो काम को आसान करेंगे। कुल-मिलाकर यदि माना जाए तो कार्यालय में दलालराज के अलावा अब डीलरराज भी बढ़ जाएगा।
डीलर्स प्वॉइंट एनरोल सिस्टम शुरू होने से आवेदकों को काफी सुविधा हो जाएगी। इसके लिये डीलरों को कार्यालय में प्रशिक्षण दिया गया है।
-सीपी हिंगड, आरटीओ






