जबलपुर. बात-बात पर झण्डे लेकर सड़कों पर उतरने वाले रेलवे के कर्मचारी संगठनों को अब संभलने की जरूरत है और बहुत सोच-समझकर काम करने की दरकार भी। पश्चिम मध्य रेलवे की विजिलेंस टीम इस समय एक गोपनीय सीडी का अध्ययन करने मंे जुटी हुई है। इस सीडी मंे प्रदर्शनकारियों का सारा कच्चा चिट्ठा दिखाई दे रहा है। विजिलेंस इस सीडी में ये देख रही है कि किसने प्रशासन के विरोध में कितने नारे लगाए और किसने सिस्टम को भला-बुरा बताने वाले भाषण दिये। हालांकि रेलवे के संगठनों को संभवत: इसकी भनक लग चुकी है।
आखिर क्यों!- अभी तक पुख्ता तौर पर ये पता नहीं चल सका है कि विजिलेंस ये कवायद आखिर कर क्यों कर रही है। विजिलेंस इस सीडी के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी, जो मुख्यालय से होती हुई बोर्ड तक पहुंचेगी। रेलवे संगठनों के विरोध कार्यक्रमों से प्रशासन को उतना एतराज नहीं है, लेकिन जब एक ही मुद्दे को लेकर बार-बार हल्ला-हंगामा होता है तो कामकाज प्रभावित होता है।
कहीं साजिश तो नहीं- विजिलेंस से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि जब बार-बार इस तरह से विरोध प्रदर्शन होता है तो छोटी सी बात भी इतनी बड़ी हो जाती है, जो बाद में पीएनएम बैठक (स्थायी वार्ता तंत्र) में पहुंच जाती है और इन पर होने वाली बहसों में समय खराब होता है। विजिलेंस का कहना है कि यदि मुद्दे वाजिब हों तो जायज है, लेकिन सिर्फ हंगामा करने के मकसद से सड़कों पर उतरना ठीक नहीं है।
यहां से उठी बात- विरोध प्रदर्शनों की सीडी बनाने की वजह है हाल ही में एक संगठन के सदस्यों द्वारा काम बंद करके हड़ताल पर उतरना। प्रशासन को कर्मचारियों की ये बात बहुत नागवार गुजरी है कि उन्होंने काम को ठंेगा दिखाकर हड़ताल को तवज्जो दी।