10 कारण: क्यों 2014 में असर नहीं छोड़ पाएंगे केजरीवाल
नई दिल्ली. कांग्रेस पर लगातार हमला बोल रहे अरविंद केजरीवाल ने देश की स्थापित राजनीतिक पार्टियों को राजनीति सिखाने का दावा किया है। (फिर बोले बेनी- 71 लाख तो छोटी रकम है, 71 करोड़ होता तो सीरियस होते)
लेकिन सवाल उठता है कि क्या खुद अरविंद केजरीवाल (केजरीवाल को सलमान ने नाली के कीड़े से भी ज्यादा गंदा बताया) की राजनीतिक दिशा गड़बड़ है? (खुर्शीद के ट्रस्ट पर विकलांगों के लाखों रुपए डकारने का आरोप) जनता के सपनों को पूरा करने का दावा और वादा कर रहे केजरीवाल के सामने ऐसी कौन सी चुनौतियां हैं, जिनसे वे समय रहते पार नहीं पाए तो अगले आम चुनाव (जो 2014 में तय हैं, लेकिन मध्यावधि चुनाव की भी पूरी संभावना है) में वे अप्रासंगिक भी हो सकते हैं। (खुर्शीद के खिलाफ भड़का गुस्सा, केजरीवाल इस्तीफे पर अड़े)
आइए, उन कारणों पर नज़र डालें जिनसे अरविंद को समय रहते जूझना होगा:






