जब कुछ करने की ठान ली जाए तो फिर मुश्किल कुछ भी नहीं। इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए असम के लोक कलाकार इतिहास बनाने की तैयारी में हैं। एक साथ इतने लोगों को ढोल बजाते देख आप हैरान न हों क्योंकि यह सारी कवायद एक विशेष उद्देश्य के तहत की जा रही है। ढोल जैसा दिखने वाला यह पारपंरिक वाद्ययंत्र असम में खोल के नाम से जाना जाता है।
आखिर कलाकार क्यों इस वाद्ययंत्र को बजा रहे हैं और क्या है उनका उद्देश्य जानने के लिए क्लिक करें आगे की तस्वीरें...