नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन के खिलाफ मनी लांडरिंग का मामला दर्ज किया है। यह दोनों भाइयों पर एअरसेल-मैक्सिस सौदे में अवैध रूप से करीब 550 करोड़ रुपए लेने से जुड़ा है।
पूर्व दूरसंचार मंत्री मारन पर 2004-05 में दूरसंचार लाइसेंस देने के मामले में एअरसेल की जगह मलेशियाई कंपनी मैक्सिस का पक्ष लिए जाने का आरोप है। पिछले साल यह मामला सामने आने के बाद मारन को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
सीबीआई भी कर रही जांच
इन आरोपों के सिलसिले में सीबीआई भी पूर्व मंत्री मारन और उनके भाई व सन टीवी नेटवर्क के एमडी कलानिधि मारन के खिलाफ जांच कर रही है। उसकी जांच के दायरे में विदेशी विनिमय नियमों का उल्लंघन का भी आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा एजेंसी ने 2001-03 के बीच एनडीए शासन के दौरान अतिरिक्त 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में भी मामला दर्ज किया है। इसमें पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष, तत्कालीन उप महानिदेशक जेआर गुप्ता तथा कुछ दूरसंचार कंपनियों को आरोपी हैं।