नई दिल्ली. रविवार को जयपुर में कांग्रेस में औपचारिक तौर पर नंबर 'दो' का पद लेने के बाद राहुल गांधी (इमोशन नहीं एक्शन चाहिए: राहुल पर भारी पड़ेगी जमीनी हकीकत?) ने अपने पहले भाषण में अपनी निजी ज़िंदगी से जुड़ी कई बातें पहली बार सार्वजनिक रूप से कहीं।
राहुल की छवि अक्सर शर्मीले स्वभाव के और भाषणों में खुद को मुद्दों तक सीमित रखने वाले नेता की रही है। लेकिन देश के सबसे ताकतवर परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल गांधी ने बतौर कांग्रेस उपाध्यक्ष अपने पहले भाषण में बचपन, परिवार और उस पर टूटी मुसीबतों और सत्ता के असर पर रोशनी डाली। (जानती हैं सत्ता जहर है... मुझे उपाध्यक्ष बनाने के बाद खूब रोईं मां: राहुल)
राहुल गांधी की जुबानी उनकी निजी ज़िंदगी के कुछ पहलुओं पर आगे की स्लाइड में नजर डालिए: