नई दिल्ली. संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी और तिहाड़ में दफन करने का मसला ठंडा होता नहीं दिख रहा है। यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने अफजल की फांसी पर अफसोस जताया है, तो जनता दल (यूनाइटेड) के मुखिया शरद यादव ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि अफजल की लाश उसके घरवालों को लौटा दी जाए। उधर, मशहूर गीतकार गुलजार पाकिस्तान की यात्रा से बीच में ही भारत लौट गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पाकिस्तान ने वापस भेज दिया है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने गुलजार को वापस भेजा है। उच्चायुक्त का कहना है कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है। गुलजार लाहौर लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत करने कराची पहुंचे थे। वे लाहौर से 250 किमी. दूर अपने पैतृक गांव कालरा भी गए थे, जहां उनका बचपन बीता था। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उनकी वापसी के बारे में यही कहा जा रहा है कि उनकी निजी यात्रा थी, वह अपनी मर्जी से आए और गए। इसमें कोई सरकारी दखल नहीं दिया गया है।
लगता है कि अजमल कसाब और अफजल गुरु की फांसी के बाद अब कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन के करीबियों का नंबर है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वीरप्पन के चार सहयोगियों की दया याचिका खारिज कर दी है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है। ऐसे में अब वीरप्पन के सहयोगियों को फांसी देने का रास्ता साफ हो गया है।
(Social Censorship: आई लव मॉय पाकिस्तान- Status Deleted)