नई दिल्ली. अफजल संसद पर हमले में शामिल था। 13 दिसंबर के दो दिन बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पांच दिन बाद उसने मीडिया के सामने हमले में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली थी। अफजल की गिरफ्तारी कश्मीर के लिए राजनीतिक मुद्दा बना रहा। पिछले 11 साल में कई बार लोग अफजल के समर्थन में सड़कों पर उतरे, लेकिन कानून अपना काम करता रहा।
अफजल को सुप्रीम कोर्ट से 2005 में सजा ए मौत मिली थी। 2008 में अफजल ने एक इंटरव्यू दिया था। इसमें उसने कहा था कि वह इस तरह तिल-तिलकर मरना नहीं चाहता। लेकिन यह केंद्र सरकार उसे फांसी भी तो नहीं दे रही। इसलिए उसकी मंशा है कि भाजपा की सरकार बने और आडवाणी प्रधानमंत्री बन जाएं। अफजल ने कहा था कि उसे लगता है कि आडवाणी ही एकमात्र ऐसा व्यक्ति है जो उसकी फांसी पर जल्दी फैसला ले सकता है।
गिरफ्तारी के बाद अफजल ने अपने पहले इंटरव्यू में क्या-क्या कहा था? पढिए पूरी कहानी उसी की जुबानी