नई दिल्ली. 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए हमले के दोषी अफजल गुरु को आखिरकार फांसी पर लटका दिया गया। अफजल को शनिवार सुबह 7.50 बजे फांसी दी गई और करीब 8:30 बजे तिहाड़ के जेल नंबर तीन के पास दफन भी कर दिया गया। 13 दिसंबर के दो दिन बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पांच दिन बाद उसने मीडिया के सामने हमले में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली थी।
जानिए, अफजल ने जेल में किस तरह 11 साल से अधिक वक्त किस तरह गुजारे?
43 साल के अफजल गुरु ने अपनी जिंदगी के 11 साल से अधिक तिहाड़ जेल में बिताए। अफजल को तिहाड़ की जेल नंबर 3 में रखा गया था। यहां आतंकवादियों और हाई सिक्योरिटी वाले कैदियों को रखा जाता है। अफजल को जेल की ऐसी कोठरी में रखा गया था जिसमें कोई दूसरा कैदी नहीं था। इसे आम तौर पर 'तनहाई कोठरी' कहा जाता है। 16 गुणा 12 फीट की इस कोठरी से फांसी का तख्त 150 मीटर की दूरी पर ही है।