संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को उसके परिवार को उचित तरीके से सूचित किए बिना फांसी दिए जाने के तरीके पर टिप्पणी करते हुए जानेमाने कानूनी विशेषज्ञ फली एस नरीमन ने उसे दुर्भाग्यपूर्ण कहा।
नरीमन ने एक टीवी चैनल से कहा, ‘मानवीय पहलू से इस बारे में सोचा जाना चाहिए था। अगर राष्ट्रपति ने किसी की दया याचिका खारिज कर दी है तो आप उसे फांसी दे सकते हैं लेकिन मानवीय पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण था। मुझे पता है कि उन्होंने इस बारे में नहीं सोचा।’