विज्ञापन
 
Home >> National >> In Depth >> Air Force Focuses On Rafael

रफाल खरीदना पहली प्राथमिकता

उपमिता वाजपेयी/डीडी वैष्णव | Feb 08, 2013, 16:01PM IST
 
 

 
यलहंका एयरफोर्स बेस (बेंगलुरू). चीफ मार्शल एनएके ब्राउन ने कहा कि फ्रांसीसी मल्टीपल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट रफाल हासिल करना वायुसेन की पहली प्राथमिकता है। बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है। इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में करार होने की उम्मीद है। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रेंकोइस ओलांद 14 फरवरी को भारत आएंगे। इस दौरान भी करार पर बात हो सकती है।
 
मतभेद पैदा करने का प्रयास 
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि नक्सली इलाके में वायुसेना विमान द्वारा घायल पुलिस जवान को छोड़ आने का विवाद बकवास है। यह कश्मीर की तर्ज पर नक्सली इलाकों में सुरक्षा बलों के बीच मतभेद करने की कोशिश है। उन्होंने कहा, जिस घटना पर बवाल मचा, उसमें हेलिकॉप्टर पर हमला हुआ था। हेलिकॉप्टर का हाइड्रोलिक पाइप फूट गया था। केबिन में फ्यूल फैल गया था। आंखों में फ्यूल जाने से गरुड़ कमांडो देख नहीं पा रहे थे। गोलीबारी हो रही थी। अंधेरा हो गया था। ऐसे में पायलट ने जो निर्णय लिया, वह सही था। ब्राउन के मुताबिक वायुसेना के हेलिकॉप्टर वहां काम करते रहेंगे। 
 
 
आयरन डोम उपयोगी नहीं
-ब्राउन ने कहा कि इजरायली मिसाइल सिस्टम आयरन डोम भारत के लिए उपयोगी नहीं है। इसकी रेंज काफी कम है। यह भारतीय सीमा क्षेत्र में सफल नहीं होगी।
 
-तेजस विमानों की पहली डिजाइन में कुछ दिक्कतें हैं। इस कारण तेजस मार्क-1 के कुछ ही विमान वायुसेना लेगा। 
 
-महिलाओं को दो-तीन साल और कॉम्बैट रोल नहीं दे सकते। भविष्य में क्या फैसला होगा, नहीं पता। 
 
-मिग-21 मिग 27, मी-8 हेलिकॉप्टर, एवरोज विमान बेड़े से बाहर होंगे। मी-17 अपग्रेड होगा। एटैक हेलिकॉप्टर अपाचे, एलसीएच, आरएसएच शामिल होगा। 
 
 
 
रूस को पछाड़ने की होड़ 
भारत की संभावित महत्वपूर्ण डील पर अमेरिका, इजरायल व यूरोप के कई देश नजरें गड़ाए हुए हैं। ये सभी मिलकर रूस को इस दौड़ से बाहर करने की कोशिश में हैं। इसके लिए एयरो इंडिया में अमेरिका, इजरायल, रूस सहित सभी देशों ने अपने विशेष प्रतिनिधि दल यहां भेजे हैं। अगले एक दशक में भारत के 100 अरब डॉलर (5300 अरब रुपए) के हथियार, जंगी विमान खरीदने के उम्मीद है। रूस ने एयरो इंडिया 2011 के दौरान 70 फीसदी सौदे भारत के साथ किए थे। इनमें 71 एमआई 17 वी 5 हेलीकॉप्टर तथा 42 सुखोई 30 एमकेआई शामिल हैं। 
 
लेकिन इसके बाद चार महत्वपूर्ण डील पाने में वह पिछड़ गया। फ्रांस की दसॉल्ट कंपनी (रफाल) ने रूस के मिग-35 सहित चार कंपनियों को पीछे छोड़ा। एयर फ्यूल के लिए नए विमान की खरीद की दौड़ में यूरोपीय एयरबस ने बाजी मारी। अमेरिका फर्म बोइंग ने अटैक व हेवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर का सौदा हथिया लिया। 
 
 
आंतरिक सुरक्षा कवच बनेंगे यूएवी : त्यागी 
 
मानव रहित विमान (यूएवी) आने वाले सालों में सीमा पार आतंकवाद व आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमेन आरके त्यागी के मुताबिक, सशस्त्र सेनाओं के साथ अद्र्ध सैन्य बलों ने यूएवी की मांग की है। त्यागी ने कहा कि यूएवी का बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए एचएएल ने ब्लू प्रिंट तैयार किया है। एचएएल विजन 20-20 के तहत काम करेगा। इसके लिए 12 प्लेटफार्म बनेंगे तथा 8 फिक्स और 4 रोटरी विंग बनेगी। उन्होंने कहा कि तेजस को पूरी तरह ऑपरेशनल होने में दो साल का वक्त लगेगा। त्यागी के मुताबिक, देश में पहली एविएशन यूनिवर्सिटी खोलने के लिए केंद्र सरकार से बातचीत की 
 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
3 + 7

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment