खतरे की घंटी: आंशिक सूखे के आसार
नई दिल्ली. देश में आंशिक सूखे के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग ने माना है कि इस साल मानसूनी बारिश सामान्य से 15' तक कम रह सकती है। हालांकि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व गुजरात में सामान्य से 50' तक कम बारिश का अनुमान है। महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और अंदरूनी कर्नाटक में भी स्थिति चिंताजनक है।
मौसम विभाग के महानिदेशक एलएस राठौड़ ने शुक्रवार को बताया कि पूरे सीजन में 15' तक कम बारिश की संभावना है। मतलब कुल 85' बारिश। राठौड़ के अनुसार धान की बुवाई प्रभावित नहीं होगी। लेकिन मोटे अनाज के लिए स्थिति चिंताजनक है।
मायने : ञ्चऔद्योगिक गतिविधियों में और कमी आएगी। ञ्चबिक्री व लाभ घटने से विस्तार योजनाएं टालेंगे उद्योग। ञ्च नई परियोजनाओं के निवेश में कमी आएगी।
कारण : औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती। ञ्चसेवा क्षेत्र पर पड़ रहा इसका विपरीत असर। ञ्चविश्व अर्थव्यवस्था में जारी अनिश्चितता। ञ्चमहंगाई ञ्चकमजोर मानसून से कृषि उत्पादन में कमी।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि इस साल विकास दर ६' के आसपास रहने की संभावना है। पिछले वित्त वर्ष २०११-१२ में देश ने नौ वर्ष में सबसे कम ६.५'की दर से विकास किया था।
'अल नीनो' का प्रभाव
इस मानसून के दौरान आने वाले दो महीनों में 'अल नीनो' की स्थिति पैदा होने की संभावना अधिक (६५') बन रही हैं। इससे वर्षा में कमी आ जाएगी। मध्य प्रशांत महासागर क्षेत्र में पानी की सतह का सामान्य से ज्यादा गर्म होना 'अल नीनो' प्रभाव कहलाता है। इसके कारण वहां कम दबाव का क्षेत्र बनने लगता है। बादलों का रुख भारत की बजाय प्रशांत क्षेत्र की ओर हो जाता है।






