नई दिल्ली. करगिल में पाकिस्तानियों की घुसपैठ को खुफिया तंत्र की कमजोरी बताते हुए पूर्व सेना प्रमुख (रिटायर्ड) जनरल वी पी मलिक ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना का भारत के खिलाफ 'छद्म युद्ध' जारी है और 1999 जैसे हमले फिर हो सकते हैं। करगिल जंग के दौरान सेना प्रमुख रहे जनरल मलिक ने कहा, 'पाकिस्तानी सेना ने छद्म युद्ध का एजेंडा नहीं छोड़ा है। जब तक ऐसा चलता रहेगा, आप करगिल युद्ध जैसे हालात पैदा होने की आशंका से इनकार नहीं कर सकते।'
इससे पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल प्रदीप वसंत नाईक ने चेतावनी दी है कि भारत पर परमाणु हमले की सूरत में देश इसका करारा (बहुत भारी) जवाब देगा। परमाणु हथियारों का पहले प्रयोग नहीं करने की भारत की नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा है कि इसी नीति में यह भी एकदम साफ है कि हमले की सूरत में इसका जोरदार जवाब दिया जाएगा।
वायुसेना प्रमुख के तौर पर अपने आखिरी प्रेस कांफ्रेंस में नाईक ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा 60 किलोमीटर तक परमाणु हथियारों के साथ मार कर सकने में सक्षम नसर मिसाइलों और 24 नई मिसाइलों की जल्द तैनाती को लेकर न तो वे चिंतित हैं और न ही किसी देशवासी को चिंतित होने की जरूरत है।
भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख और मौजूदा वायुसेना प्रमुख ये बयान ऐसे वक्त आए जब पाकिस्तान की नवनियुक्त विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार भारतीय विदेश मंत्री एस एम कृष्णा से बातचीत के लिए दिल्ली में हैं। सप्ताहभर पहले नियुक्त पाकिस्तान की पहली महिला विदेश मंत्री हिना रब्बानी ने कहा कि वे पाकिस्तान की अवाम और सरकार की शुभकामनाएं लेकर आई हैं। वे समग्र वार्ता प्रक्रिया के तहत चर्चा के लिए मंगलवार को दोपहर बाद यहां पहुंचीं। बुधवार को अपने से 45 वर्ष बड़े एसएम कृष्णा के साथ बातचीत करेंगी।
आगामी 31 जुलाई को रिटायर हो रहे नाईक ने देश में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति पर कहा कि फिलहाल अगले पांच-दस सालों तक इसकी जरूरत नहीं है। इस पर राष्ट्रीय बहस के बाद विचार किया जा सकता है। भारत में पिछले 64 सालों से तीनों सेनाओं के बीच शानदार तालमेल रहा है और हमारे सभी ऑपरेशन्स देश की सीमाओं तक ही हैं। ऐसे में सीडीएस की जरूरत नहीं है। बहुचर्चित 126 युद्धक विमान सौदे को लेकर स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा कि दो प्रतियोगियों में से किसी एक को लेकर वायुसेना की कोई प्राथमिकता नहीं है।
आपकी बात
सेना के दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बयान को आप किस रूप में देखते हैं. क्या पाकिस्तान से भारत को डरने की जरूरत है या फिर हम इतने सतर्क हैं कि किसी भी मुकाबले का मुंहतोड़ जवाब दे सकें।
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