नई दिल्ली/मिलान. भारत को वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों देने वाली कंपनी अगस्तावेस्टलैंड ने ने रक्षा मंत्रालय को कारण बताओ नोटिस का जवाब भेज दिया है। उसने एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टरों के सौदे में सभी नियमों का पालन करने का दावा किया है। अगस्तावेस्टलैंड ने कहा कि उसने कारण बताओ नोटिस की सात दिन की समय सीमा के भीतर जवाब भेज दिया है। रक्षा मंत्रालय ने पिछले शुक्रवार को नोटिस जारी किया था। पूछा था कि सौदे की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों को देखते हुए क्यों न इसे रद्द कर दिया जाए?
कंपनी ने कहा कि उसे यह सौदा व्यापक तकनीकी और उड़ान परीक्षणों के बाद दिया गया। इस हेलिकॉप्टर का चुनाव वायुसेना की जरूरतों के आधार पर खरा उतरने पर किया गया। उधर, घूसखोरी के आरोपों की जांच के सिलसिले में इटली गई रक्षा मंत्रालय और सीबीआई की टीम ने मिलान में काम शुरू कर दिया है। इस क्रम में उसने अगस्तावेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमैकेनिका के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। कंपनी ने कुछ भारतीयों को घूस देने के आरोपों की जांच के मामले में मदद का आश्वासन दिया है।
इटली से जानकारी हासिल करने के रास्ते नहीं हुए हैं बंद: खुर्शीद
केंद्र सरकार को हेलिकॉप्टर खरीद घोटाले में इटली से जानकारी मिलने की उम्मीद है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि घोटाले से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के सभी रास्ते बंद नहीं हुए हैं। सरकार हर कानूनी विकल्प आजमा रही है।
वीवीआईपी हेलिकॉटर सौदे पर नियम 193 के तहत होगी लोकसभा में चर्चा
लोकसभा में अगस्तावेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे में कथित दलाली के मामले में भाजपा के प्रस्ताव पर नियम 193 के तहत चर्चा होगी। यह सर्वदलीय बैठक में तय हुआ। सर्वदलीय बैठक में भाजपा के अरुण जेटली और सुषमा स्वराज दोनों की ओर से आई मांग का समर्थन कुछ और सांसदों ने किया। राज्यसभा में उपसभापति पीजे कुरियन के मामले में संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ शुक्रवार को राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। सूत्रों के मुताबिक महिला यौन उत्पीड़न पर विधेयक लोकसभा में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे संबंधित अध्यादेश को संसद की स्थाई समिति के पास गुरुवार को चर्चा के लिए भेजा गया था। वेंकैया नायडू की अध्यक्षता वाली स्थाई समिति ने बाल यौन उत्पीडऩ के लिए सजा पांच से 10 साल किए जाने और यौन उत्पीड़न की भाषा में संशोधन का सुझाव दिया है। स्थाई समिति के सामने गुरुवार को गृह सचिव और कानून सचिव दोनों उपस्थित हुए थे। इसके बाद यह तय हुआ कि इन सुझावों को भी सदन में पेश किया जाएगा। स्थाई समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट संसद को देगी।