नई दिल्ली. बाबा रामदेव ने भी अपनी कोई मांग माने जाने से पहले ही अनशन और आंदोलन खत्म कर दिया है। मंगलवार को अंबेडकर स्टेडियम में हजारों समर्थकों के बीच उन्होंने दलित बच्चों के हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा।
बाबा ने नौ अगस्त को रामलीला मैदान में तीन दिन का सांकेतिक अनशन शुरू किया था। वहां वह लगातार यही कहते रहे थे कि उनकी मांगों के संबंध में जब तक कोई ठोस घोषणा नहीं हो जाती, वह आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने अपने आंदोलन को निर्णायक लड़ाई बताया था और कहा था कि वह अगली रणनीति 12 अगस्त को (तीन दिन का सांकेतिक अनशन खत्म होने के बाद) बताएंगे। लेकिन 12 अगस्त को उन्होंने कुछ नहीं बताया, पर 13 अगस्त को वह समर्थकों के साथ रामलीला मैदान छोड़ कर संसद कूच (देखें तस्वीरें) के लिए जरूर निकले। उन्हें संसद पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया और सोमवार शाम को उन्होंने अंबेडकर स्टेडियम में डेरा डाल लिया।
मंगलवार को अंबेडकर स्टेडियम में रामदेव ने कहा, 'हम यह अनशन खत्म कर रहे हैं, लेकिन काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारा आंदोलन जारी रहेगा। अब कोई अनशन नहीं होगा क्योंकि सरकार को अनशन की भाषा समझ में नहीं आती। अब सरकार के खिलाफ सीधी कार्रवाई होगी। हमारा आंदोलन अब और तेज होगा।' लेकिन उन्होंने यह भी कह दिया कि 2014 के लोकसभा चुनाव तक उनकी ओर से कोई आंदोलन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान 99 फीसदी ताकत लोगों की सेवा कर उनका विश्वास जीतने में लगाया जाएगा।
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रामदेव समर्थकों ने स्टेडियम में झंडे के डंडे से किए गड्ढे
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