PHOTOS : बालकृष्ण के विवाद से लेकर गिरफ्तारी तक का सफर
नई दिल्ली। बाबा रामदेव के करीबी आचार्य बालकृष्ण और विवादों का पुराना नाता रहा है। कभी फर्जी डिग्री, कभी फर्जी पासपोर्ट तो कभी शादी को लेकर वे विवादों में रहे हैं। इन सबके बीच, रामदेव ने उन्हें किनारे भी कर दिया है।
बालकृष्ण की गिरफ्तारी की आशंका रामदेव को बहुत पहले से थी।पिछले साल अगस्त जब आचार्य पर आरोप लगने शुरू हुए, तभी रामदेव ने आचार्य का 'उत्तराधिकारी' ढूंढ़ लिया था। उन्होंने स्वामी मुक्तानंद को पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट व उससे जुड़े संस्थानों के लिए 'साइनिंग अथारिटी' दे दी है।
अब तक पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों के लिए संगठन की कमान बाबा रामदेव संभाले हुए थे और प्रशासन व पैसे से जुड़ा कामकाज बालकृष्ण देखते थे। लेकिन अब मुक्तानंद को साइनिंग अथारिटी मिलने से कई लोग इसे बालकृष्ण के एकाधिकार में खलल के रूप में देख रहे हैं।









