नई दिल्ली. विपक्ष का भारत बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा। प. बंगाल में बंद के दौरान कई जगहों पर SUCI और TMC कार्यकर्ताओं में झड़प हुई। यूपी (पढ़ें, अपडेट) में बिहार से आगरा जा रही एक मालगाड़ी पर गोरखपुर के पास सपा कार्यकर्ताओं ने पथराव किया। इससे मालगाड़ी के ड्राइवर उस्मान अंसारी के होठ पर हलकी चोट आयी। लखनऊ में सड़क पर ऑटो लेकर निकले कुछ चालकों से भी मारपीट की गई। (जानिए : झारखंड का हाल)
कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) ने आज आयोजित बंद से देश को हुए नुकसान का आंकलन किया है। सीआईआई के मुताबिक गुरुवार को हुए बंद से देश को करीब साढ़े बारह हजार करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ। पिछले एक साल में चार बार विपक्ष ने भारत बंद किया है। औसतन प्रत्येक बंद में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, इस तरह पिछले एक साल में देश को 50 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है।
बंद एक तरह से 'रस्मी' ही रहा। बिहार, यूपी में सबसे ज्यादा हंगामा हुआ और दिल्ली में बड़ा राजनीतिक जमघट हुआ। दिल्ली में जंतर मंतर पर एक मंच पर बीजेपी और लेफ्ट के नेता जमा हुए। दिल्ली (देखें, तस्वीरें और पूरी खबर) में मुलायम, बर्धन, येचुरी, रामगोपाल यादव, चंद्र बाबू नायडू को कोर्ट अरेस्ट किया गया है। (बिहार का हाल जानें)
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने डीआरएम ऑफिस सहित दर्जनों सरकारी दफ्तरों पर ताले जड़ दिए। सपाइयों ने आगरा में ताजमहल भी बंद करवाने की कोशिश की। वहीं, राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी बंद का थोड़ा असर दिखा (जानिए: जयपुर का हाल)। (पढ़ें, किस पार्टी की क्या है रणनीति और उनकी हलचल)
कुल मिला कर बंद 'रस्मी' रहा और इसे सरकार ने नाकाम और विपक्ष ने सफल करार देने का रस्म भी बाकायदा निभाया। लेकिन यह हकीकत है कि पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने और महंगाई बढ़ने के नाम पर बीते साल भर में चार बार भारत बंद किया गया है और इनसे औसतन 50 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। बीते मई में हुए भारत के बाद आए आंकड़ों के मुताबिक देश को 14 हजार करोड़ से अधिक की चपत लगी थी।
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