बजट सत्र के लिए बीजेपी ने तैयार की रणनीति
एजेंसी | Feb 17, 2013, 14:21PM IST

नई दिल्ली. संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ही भाजपा की तरफ से भगवा आतंकवाद का मुद्दा उठाया जाएगा। कमान पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह संभालेंगे। धन्यवाद प्रस्ताव पर वह भाजपा की तरफ से बहस की शुरुआत कर सकते हैं। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के 'भगवा' आतंकवाद संबंधी बयान को लेकर भाजपा काफी आक्रामक है। पार्टी ने शिंदे से माफी मांगने तक संसदीय बैठकों में उनके बहिष्कार का फैसला किया है। ऐसे में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद जब धन्यवाद प्रस्ताव आएगा तो भाजपा की तरफ से बहस शुरू होने पर राजनाथ सिंह के निशाने पर शिंदे रहेंगे। इसके जरिए कार्यकर्ताओं को विचारधारा को लेकर भाजपा के रुख से आश्वस्त करना है। पार्टी ने यह रणनीति उसी संभावना को देखते हुए तैयार की है जिसमें कहा जा रहा है कि सत्र ठीक से चलाने के लिए गृह मंत्री अपने बयान पर खेद व्यक्त कर सकते हैं। ऐसे में मामला समाप्त न हो जाए इसलिए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ही भगवा आतंकवाद को लेकर हमले की रणनीति बनाई गई है।
दोनों सदनों में असहज स्थिति
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के बहिष्कार और राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन से इस्तीफा मांग चुकी भाजपा, सदन में दोनों की उपस्थिति से असहज महसूस कर सकती है। चूंकि शिंदे लोकसभा में सदन के नेता हैं, ऐसे में उनके साथ बैठकों का बहिष्कार सरकार के साथ ही मुख्य विपक्ष के लिए भी परेशानी है। उधर, राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन पर लगे आरोपों को देखते हुए भाजपा ने नैतिक आधार पर उनसे इस्तीफे की मांग की है ऐसे में राज्यसभा में जब वह आसन पर बैठेंगे तो भाजपा के लिए असहज स्थिति होगी। हालांकि पार्टी नेता मान रहे हैं कि गृह मंत्री, सत्र शुरू होते ही खेद प्रकट कर मामले को शांत करने की कोशिश करेंगे जबकि कुरियन कोई कठोर फैसला लेने तक आसन पर न बैठकर बीच का रास्ता निकाल सकते हैं।








