लावारिस बता रख दी सांसद की लाश, संसद में हंगामा

नई दिल्ली. समाजवादी पार्टी के सांसद मोहन सिंह ने २४ अप्रैल को दिवंगत हुए समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद बृजभूषण तिवारी की लाश के अपमान का मामला सदन में उठाया।
भावुक हुए मोहन सिंह ने सदन में कहा कि आदरणीय सांसद बृजभूषण तिवारी जी की २४ तारीख की रात अचानक तबियत खराब हुई। वो शालीमार बाग में अपने छोटे से फ्लैट में थे। दिल का दौरा पड़ने पर वो नीचे आए और वॉचमैन से मदद की गुहार लगाई। वॉचमैन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस बृजभूषण तिवारी को लेकर बाबू जगजीवन अस्पताल पहुंच गई। रात दो बजे सांसद बृजभूषण तिवारी के शव को लावारिस लाश घोषित करके ४० शवों के बीच रखवा दिया गया। सांसद बृजभूषण सिंह की मौत की खबर के बाद मोहन सिंह सुबह ही अस्पताल पहुंचे।
इस घटना के बारे में बताते हुए मोहन सिंह ने सदन में कहा कि अस्पताल पहुंच कर मैंने कहा कि हमारी पार्टी की एक नेता कि मृत्यु हो गई है, मैं उनका शव देखना चाहता हूं। वो मुझे एक कमरे में ले गए जहां करीब ४० लावारिस शव रखे थे जिनके बीच स्ट्रेचर पर सांसद बृजभूषण तिवारी का शव भी रखा था। मैंने उनसे शव दिए जाने के लिए कहा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। पार्टी के नेताओं ने कुछ कार्यकर्ताओं को थाने भेजा। वहां बहुत झगड़ा करने पर पुलिस आई और फिर ११.३० बजे शव सपा नेताओं को सौंपा गया।
मोहन सिंह ने कहा (ऊपर वीडियो पर क्लिक कर उनका पूरा वक्तव्य सुनें) कि सांसद सदस्यों का जीवित रहते हुए सम्मान नहीं होता, अब मरने के बाद भी नहीं हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर राज्यसभा में हंगामा भी हुआ। आरोपों की जांच संसद की विशेषाधिकार समिति को सौंप दी गई है।
इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि मेरे लिहाज से बहुत गंभीर मामला है, किसी भी संसद सदस्य के साथ ये नौबत नहीं आनी चाहिए, हम गृहमंत्री को अवगत कराएंगे और जो लोग भी दोषी साबित होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।







