बड़े फैसलों का दिन: रिटेल में एफडीआई की अनुमति पर उठे विरोध से विचलित हुए बिना केंद्रीय कैबिनेट की गुरुवार को होने वाली बैठक में अब पेंशन और बीमा क्षेत्र में एफडीआई में और ढील देने पर विचार हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, सुधारों की गाड़ी को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कैबिनेट में कंपनी विधेयक, प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधन और अवसंरचना विकास कोष (आईडीएफ) शुरू करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल सकती है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय निवेश बोर्ड बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिलने की बात है। ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देने के लिए यह बोर्ड बनाया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में पेंशन कोष नियमन व विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) बिल पर विचार होगा। बिल में पेंशन क्षेत्र में 26 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इसी तरह बीमा कानून संशोधन विधेयक में बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को 26 से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। एक महीने के भीतर आर्थिक सुधारों को आगे ले जाने का यह दूसरा दौर होगा। इससे पहले यूपीए सरकार ने 14 सितंबर को मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी दी थी। साथी ही नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एफडीआई नियमों में और ढील देने का फैसला किया था। प्रसारण क्षेत्र में भी एफडीआई को उदार बनाया गया था।