नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह की कैंसर संबंधी खबर ने भारतीयों को एक बार फिर कैंसर की भयावहता के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस कड़ी में सामान्य तौर पर हमेशा साड़ी-पेटीकोट और सलवार पहनने वाली महिलाओं के लिए एक बुरी खबर आई है। बांबे हॉस्पिटल जनरल के मुताबिक, साड़ी पहनने वाली महिलाओं पर कैंसर का खतरा मंडरा रहा है। साड़ी के साथ पहने जाने वाले पेटीकोट के नाड़े से कमर पर गांठ बन जाती है। यही गांठ कैंसर बन जाती है।
बांबे हॉस्पिटल जनरल में छपे इस रिसर्च को डॉ. अरुण एस पाटिल, डॉ. गिरीश डी बख्शी, डॉ. योगेश पुरी, डॉ. मानिक, अभिजीत और रिती ने किया है। रिसर्च पेपर में 'साड़ी कैंसर' के मरीजों का उल्लेख किया गया है। रिसर्च पेपर तैयार करने वाले डॉक्टरों की टीम ने 40 साल की महिला पर इसका अध्ययन किया।
अध्ययन में पाया गया कि पेटीकोट हमेशा एक ही जगह बांधे जाने से एक निश्चित स्थान पर जलन हो सकती है। महिलाएं शुरूआत में इस पर ध्यान नहीं देतीं हैं। बाद में यह समस्या गंभीर हो जाती है, और जानलेवा बन जाती है। रिसर्च टीम के मुताबिक, कैंसर से बचने के लिए महिलाओं को पेटिकोट में चौड़े नाड़े का प्रयोग करना चाहिए। चौड़ा नाड़ा एक जगह पर दबाव नहीं डालता। नाड़े को बांधने की जगह भी हर रोज थोड़ा बदल देना चाहिेए।
कैंसर के इलाज की नई वैक्सीन
वहीं, आयरलैंड में ट्रिंटी कालेज के वैज्ञानिकों ने कैंसर के शुरुआती इलाज के लिए एक नई वैक्सीन इजाद करने का दावा किया है। रोग का उपचार करने के दौरान यह वैक्सीन इम्यून सिस्टम को प्रभावित करेगी। इससे कैंसर से ग्रसित ट्यूमर को खत्म किया जा सकेगा। इसे पेटेंट करवाया जा चुका है और वैज्ञानिक अब इसका क्लीनिकल इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं। यह अध्ययन अमेरिका की ऑनलाइन कैंसर जर्नल में प्रकाशित हुआ है। ट्रिंटी कॉलेज के वैज्ञानिकों की इस टीम का नेतृत्व प्रो किंग्सटन मिल्स ने किया।