नई दिल्ली. कर्नाटक विधानसभा के भीतर पॉर्न वीडियो देखने के मामले में बीजेपी के तीन मंत्री-लक्ष्मण सवाड़ी, सीसी पाटिल और जे कृष्णा पालेमार आरोपों के घेरे में हैं। इनमें से सीसी पाटिल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय संभालते हैं। अब इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि कुछ हफ्ते पहले ही सीसी पाटिल ने महिलाओं को यह सीख देने की कोशिश की थी कि उन्हें कितनी चमड़ी ढंकनी चाहिए। एक कार्यक्रम में पाटिल ने कहा था, 'मैं निजी तौर पर इस हक में नहीं हूं कि महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहनें और यह सोचें कि वे चाहे जो पहनें उन्हें सम्मान की नज़रों से देखा जाए।' उन्होंने यह भी कहा कि महिला को पता होना चाहिए कि उन्हें कितनी चमड़ी (स्किन) ढकनी है।
पाटिल ने कहा था कि बलात्कार और यौन छेड़छाड़ के मामले तभी होते हैं जब पुरुषों के नैतिक मूल्य में गिरावट आ जाती है। साथ ही महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहनकर पुरुषों की नैतिकता को गिरा देती हैं। पाटिल ने कहा था, 'आज की जीवनशैली महिलाओं के लिए यह जरूरी कर देती है कि वे पुरुषों की तरह काम करें और उनकी ही तरह जीवन जिएं। इसलिए यह जरूरी है कि वे जानें कि उन्हें अपने काम करने की जगह पर कितनी चमड़ी ढंकनी है। इसलिए ड्रेस के मामले को मैं उन पर ही छोड़ता हूं।'
बीजेपी हाईकमान ने आरोपी मंत्रियों को इस्तीफा देने को कहा था। इसके बाद सवाड़ी, पाटिल और पालेमार ने स्पीकर केजी बोपैया को इस्तीफा सौंप दिया। इन मंत्रियों को तीन साल की कैद और पांच लाख का जुर्माना हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के वकील और साइबर क्राइम के जानकार पवन दुग्गल के मुताबिक विधानसभा के अंदर अश्लील फिल्म देखना अपराध है। नियम के मुताबिक इस मामले में मंत्रियों के खिलाफ तीन साल की कैद और पांच लाख का जुर्माना हो सकता है। स्थानीय समाचार चैनल ने मंगलवार को इन मंत्रियों की करतूत का खुलासा किया था।
विधानसभा में डर्टी पिक्चर: तीन मंत्रियों का इस्तीफा
मंत्रियों की 'करतूत' पर गुस्सा, ट्विटर पर हर सेकेंड एक कमेंट
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तस्वीरें: सीएम दे रहे थे भाषण, मंत्री देख रहे थे 'पॉर्न वीडियो'