भारत से लड़ाई में अब चीन ने नेपाल को बनाया अखाड़ा

नई दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश और तिब्बत सीमा पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने के बाद चीन अब नेपाल में भी उपस्थिति बढ़ा रहा है। नेपाल और भूटान सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने इस बाबत विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ सूचना साझा की है।
सूत्रों के मुताबिक एसएसबी ने चीन की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए पासपोर्ट एक्ट 1967 और कस्टम एक्ट 1962 के तहत अधिकार मांगे हैं। इसके बाद एसएसबी किसी संदिग्ध व्यक्ति का पासपोर्ट जब्त कर उसे गिरफ्तार कर सकेगा। अभी यह अधिकार सीमा पर तैनात इमीग्रेशन और कस्टम अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस के पास ही होता है।
स्टडी सेंटर स्थापित किए
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि चीन नेपाल में अपने नागरिकों को तो भेज ही रहा है, साथ में भारतीय सीमा के साथ सटे कई एफएम रेडियो स्टेशनों द्वारा भारत के विरुद्ध कुप्रचार भी करा रहा है। एसएसबी द्वारा साझा किए गए इंटेल सूचना के बाद विदेश मंत्रालय ने सीमा से सटे भारतीय व नेपाली क्षेत्र में कई स्टडी सेंटर खोले हैं। इनके जरिए मंत्रालय के लोग चीनी दुष्प्रचार को काउंटर करते हैं।
बजट के बाद मिलेगा अधिकार
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा कर बोर्ड (सीबीईसी) के सूत्रों ने बताया कि बोर्ड बजट की प्रक्रिया से निजात पाने के बाद एसएसबी को यह अधिकार दे देगा।पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ को ये अधिकार पहले से ही हैं। पाकिस्तान की तरह नेपाल की धरती से भी जाली नोट भारत भेजे जाते हैं। ऐसे में एसएसबी को ज्यादा अधिकार देने का प्रयास किया जा रहा है। एसएसबी की सूचना पर नेपाली पुलिस ने पिछले महीने ही 5 करोड़ रुपए के जाली भारतीय नोट बरामद किए थे। नेपाल से अन्य तरह की तस्करी भी होती रहती है।








