दिल्ली में पड़ सर्दी ने चालीस साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। ऐसी ठंड दिल्ली में 1973 में पड़ी थी। इसके बाद कभी भी तापमान 6 डिग्री से कम नहीं गया लेकिन इस बार सभी रिकार्ड टूट गए हैं। दिल्ली में न्यूतम और अधिकतम तापमान अपने चालीस साल में सबसे कम हैं। सबसे अधिक सर्दी के साथ दिल्ली में कई दिनों तक लगातार कड़ाके की ठंड का रिकार्ड भी टूटा है। 4 जनवरी 2011 को दिल्ली में छह दिनों तक लगातार कड़ाके की ठंड पड़ी थी लेकिन तापमान छह डिग्री से कम नहीं गया था। लेकिन पिछले नौ दिनों से दिल्ली में लगातार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कई जगह ओस तक जम गई।
मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान व पाकिस्तान के रास्ते कश्मीर घाटी की ओर बढ़ रहा है। इस कारण सोमवार शाम से जबरदस्त ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के प्रमुख गोपीनाथ राहा के अनुसार अगले 24 घंटों तक सर्दी से राहत की उम्मीद नहीं है।
नव वर्ष के आगमन के बाद मंगलवार को पहली बार दिल्ली वालों ने बाकी दिनों की अपेक्षा ठंड से थोड़ी राहत महसूस की। मंगलवार को खिली धूप की वजह से लोगों को कुछ हद तक ठिठुरन से राहत मिली। हालांकि सर्द हवाएं दिन भर चलती रहीं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 15.5 और न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजधानी में बुधवार को तापमान में और बढ़ोतरी होगी और अधिकतम तापमान 15 तथा न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। सोमवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस तरह मंगलवार को इसमें 2.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। इस वजह से लोगों को कुछ हद तक सर्दी से राहत मिली है।
बुधवार को भी लोगों को सर्दी से कुछ और राहत मिलेगी और तापमान में कुछ हद तक बढ़ोतरी होगी। हालांकि राजधानी में सुबह हल्के कोहरे का प्रकोप देखा गया था लेकिन इसका हवाई उड़ान पर कोई असर नहीं हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 15 और 5 डिग्री सेल्सियस रहेगा और सुबह हल्का कोहरा तथा दिन में आसमान साफ रहेगा।
दिल्ली के मुख्य सचिव दीपक मोहन सपोलिया ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के सीईओ अमरनाथ के साथ सोमवार देर रात यमुना बाजार और आईएसबीटी के आसपास के विभिन्न रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने हनुमान मंदिर, यमुना बाजार के पास दो रैन बसेरों और कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास पांच रैन बसेरों में जाकर उपलब्ध सुविधाओं तथा हालात का जायजा लिया। कुछ रैन बसेरों में क्षमता से अधिक लोग रात बसर कर रहे थे जबकि एक रैन बसेरे में क्षमता से कम लोग थे। कड़ाके की ठंड को देखते हुए मुख्य सचिव ने एक दिन के भीतर और कंबल तथा गद्दे भी मुहैया कराने को कहा। ताकि रैन बसेरे में लोगों को कम से कम दो कम्बल दिए जा सकें।
कोहरे का असर ट्रेनों पर पड़ा। कोहरे के कारण तय स्पीड से कम गति से चलने के कारण ट्रेन में बैठे यात्री से लेकर स्टेशनों पर ट्रेन का इंतजार कर रहे रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण मंगलवार को रेलवे प्रशासन को यातायात व्यवस्था बहाल रखने के लिए 13 ट्रेनों को रद्द , 23 को री-शेड्यूल करना पड़ा। ठंड व कोहरे के कारण 29 ट्रेन अपने तय समय से आधा घंटा से लेकर 24 घंटा तक देर से चल रही हैं।