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नामधारी ने मारी थी पॉन्टी के भाई को गोली!

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नई दिल्ली. शराब माफिया पॉन्टी चड्ढा मर्डर केस फिर से गर्मा गया है। दिल्ली पुलिस ने पोंटी चड्ढा और उसके भाई हरदीप की हत्या के मामले में उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के बर्खास्त चेयरमैन एसएस नामधारी, उसके गार्ड सचिन त्यागी और दूसरे लोगों के खिलाफ शनिवार को चार्जशीट दायर की है। इसमें नामधारी पर पॉन्टी के भाई हरदीप को गोली मारने का आरोप है। 
 
वहीं इस केस में बीजेपी नेता अरुण जेटली की फोन डिटेल की जांच के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या उनके खिलाफ साजिश रची जा रही थी? दिल्ली पुलिस के चार दफ्तरों से अरुण जेटली की कॉल डिटेल मांगे जाने पर दिल्ली पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। दिल्ली पुलिस के ये चार दफ्तर हैं-एसीपी साउथ का दफ्तर, वसंत विहार पुलिस स्टेशन, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का ऑफिस और एसीपी ऑपरेशन नई दिल्ली का कार्यालय। दिल्ली पुलिस के हेडक्वॉर्टर ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। 
 
जेटली की कॉल डिटेल मांगे जाने के बारे में जब क्राइम ब्रांच से जानकारी ली गई तो बताया गया कि पॉन्टी चड्ढा मर्डर केस की जांच के दौरान चड्ढा बंधुओं के नंबरों की पड़ताल करते समय अरुण जेटली का नंबर सामने आया था। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस को लगता है कि पॉन्टी चड्ढा के भाई हरदीप चड्ढा से मर्डर से एक दिन पहले अरुण जेटली से बात हुई थी। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी क्राइम ब्रांच और एसीपी साउथ दिल्ली की दलीलों से सहमत हैं। लेकिन वसंत विहार पुलिस थाने और एसीपी (ऑपरेशन) नई दिल्ली की दलील से दिल्ली पुलिस का महकमा सहमत नहीं है। जब एसीपी ऑपरेशन नई दिल्ली से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऐसे किसी ब्योरे के मांगे जाने से इनकार किया है। 
 
 
इस मामले में जांच की गई तो अरविंद डबास नाम के एक सिपाही द्वारा राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली का फोन कॉल डिटेल मांगने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया। सिपाही को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। स्पेशल सेल को इस मामले में दो अन्य लोगों की भी तलाश है। पूछताछ में सिपाही ने कथित तौर पर कहा है कि उसके कुछ पैसे फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने के लिए वह कुछ नेताओं के फोन नंबरों का इंतजाम कर उनसे संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था। लेकिन दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि उनके महकमे के वरिष्ठ अधिकारी सिपाही की इस 'कहानी' पर अभी भरोसा नहीं कर रहे हैं और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
 
 
बताया जा रहा है कि 32 साल का सिपाही डबास उत्तराखंड के कुछ बीजेपी नेताओं के संपर्क में था। आरोप है कि संसद मार्ग थाने में तैनात सिपाही अरविंद ने नई दिल्ली में तैनात एसीपी (ऑपरेशन) के ईमेल आईडी को हैक कर अपने लैपटॉप से अरुण जेटली के फोन नंबर की डिटेल एक टेलीकॉम कंपनी से 17 जनवरी को मांगी थी। हालांकि, उस ईमेल में अरुण जेटली के नाम का जिक्र नहीं था, लेकिन जिस नंबर का ब्योरा तलब किया गया था, वह नंबर अरुण जेटली का है। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने बताया है कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। 
 
बीजेपी ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'यह बहुत ही गंभीर मामला है। हम गृह मंत्री से अपील करते हैं कि वह देश को बताएं कि फोन के रिकॉर्ड की मांग किसके कहने पर हुई। यह गैरकानूनी काम है। इस मामले में टेपिंग भी हुई होगी। यह आपातकाल नहीं है। वे दिन बीत चुके हैं। अगर इस मामले में सच सामने नहीं आया तो हम संसद में इसे उठाएंगे।' 
 
आगे की स्लाइड में पढ़िए पॉन्टी चड्ढा मर्डर केस में किसकी हुई है गिरफ्तारी: 

 

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