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बाल ठाकरे से जुड़े 8 विवाद

Dainikbhaskar.com | Nov 15, 2012, 14:07PM IST
 
 

बाल ठाकरे (लाइव अपडेट पढ़ें) अपने राजनीतिक करियर के दौरान विकास कार्यों से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहे। उन्होंने दूसरे विश्वयुद्ध का कारण बने जर्मनी के चांसलर अडॉल्फ हिटलर और श्रीलंका के तमिल संगठन लिट्टे का खुला समर्थन किया। यही नहीं भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैचों का वो  हमेशा से विरोध करते रहे। वेलेंटाइन डे को पश्चिमी सभ्यता का प्रतीक बताते हुए उन्होंने प्रेमी जोड़ों की खुले आम पिटाई भी करवाई। बाल ठाकरे ने साल 1966 में शिवसेना की नींव रखी थी और तब से ही वो डर और नफरत की राजनीति करते रहे। उनकी भाषणों में विकास और समाजहित के कार्यों की बात कम और दूसरे समुदायों के प्रति नफरत और हिंसा ज्यादा होती थी। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने डर और नफरत के बजाए मराठी मानुष को अपना एजेंडा बना लिया। एक नजर बाल ठाकरे से जुड़े विवादों पर-
 
 
वोट डालने पर प्रतिबंध
नफरत और डर की राजनीति करने के कारण चुनाव आयोग ने बाल ठाकरे के वोट डालने और चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। चुनाव आयोग ने 28 जुलाई 1999 को ठाकरे को 6 साल तक चुनावों से दूर रहने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद ठाकरे 2005 में ही प्रतिबंध हटने के बाद वोट डाल सके। 
 
आगे क्लिक करके जानिए ठाकरे से जुड़े विवादों के बारे में..
 
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