गुरदासपुर गैंगरेप में सात दोषियों को दस-दस साल कैद
मायके से ससुराल लौट रही घूकला गांव की महिला से गैंगरेप के मामले में बस चालक, कंडक्टर और उनके पांच साथियों को १०-१० साल कैद की सजा सुनाई गई है। एडिशनल सेशन जज बलजिंदर सिद्धू ने यह फैसला महज डेढ़ माह में सुनाया। सातों दोषियों पर १०-१० हजार जुर्माना भी लगाया गया है। १२ जनवरी को तारागढ़ थाने के जगतपुर गांव में निवासी महिला के भाई और काहनूवान थाने के घूकला गांव निवासी ने इस बाबत काहनूवान थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि महिला ११ जनवरी को अपने मायके ससुराल लौट रही थी। भाई ने दोपहर करीब १२.३० बजे उसे गुरदासपुर बस अड्डे में घोड़ेवाह जाने वाली संधू बस सर्विस की बस (पीबी०६-९१२०) में बिठा दिया। बस करीब ढाई बजे भट्टिया गांव के स्टैंड पर पहुंचनी थी। वहां ससुर उसका इंतजार कर रहा था। लेकिन वह बस से नहीं उतरी। ससुर ने उसके मायके वालों को फोन कर इसकी जानकारी दी। उसके बाद ससुर ने रात भर बहू की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगली सुबह भट्टीयां गांव से किसी ने ससुर को फोन कर बहू उसके घर में होने की सूचना दी। ससुरालियों ने मौके पर पहुंच कर उसे अपनी साथ ले आए। पीडि़ता के बयान पर पुलिस ने बस चालक, कंडेक्टर के अलावा जागोवाल गांव निवासी सतवंत सिंह, घोड़ेवाह निवासी पलविंदर सिंह, लादूपुर निवासी जसविंदर पाल सिंह, वहीं के निवासी जगप्रीत सिंह व सर्बजीत सिंह उर्फ रिंकू के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में 22 जनवरी को अदालत में चालान पेश किया था।