तिरुअनंतपुरम/नई दिल्ली. सूर्यनेल्ली दुष्कर्म मामला कांग्रेस की गले की फांस बनता जा रहा है। केरल के एक कांग्रेस सांसद ने शनिवार को सूर्यनेल्ली दुष्कर्म मामले की शिकार महिला को 'वेश्या' करार दिया, जिसके बाद महिला संगठनों, विरोधी नेताओं और महिला कांग्रेस ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने उनसे बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की है।
मस्कट में शनिवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद के. सुधाकरन (तस्वीर में) ने कहा, 'पीड़िता पूर्णतया वेश्या है। फायदा उठाने के बाद वह लोगों को मूर्ख बना रही है। उसके पास मौका था। अगर वह चाहती तो भाग सकती थी...राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।' गौरतलब है कि सूर्यनेल्ली दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने 1996 में कुरियन समेत 42 लोगों पर 40 दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। उस समय वह 16 वर्ष की थी। हालांकि केरल हाई कोर्ट ने कुरियन के खिलाफ आरोपों को खारिज कर दिया था और सुप्रीम कोर्ट ने भी उसपर मुहर लगा दी थी।
सुधाकरन के बयान से पहले केरल हाई कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति आर. बेसेंट ने सूर्यनेल्ली दुष्कर्म मामले की पीड़िता को 'बाल वेश्या' करार दिया था और कहा था कि उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। उन्होंने मामले में 35 आरोपियों को छोड़ने के हाई कोर्ट के निर्णय का बचाव भी किया था। बेसेंट केरल हाई कोर्ट के उन न्यायमूर्तियों में से एक हैं जिन्होंने इस मामले में 35 आरोपियों को बरी किया था। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के निर्णय को खारिज कर दिया और मामले की सुनवाई फिर से करने का आदेश दिया।
कांग्रेस सांसद सुधाकरण के इस बयान की चारों तरफ निंदा हो रही है। खुद उनकी पार्टी के नेताओं ने उन्हें अपना बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की है। महिला कांग्रेस की केरल इकाई की अध्यक्ष बिंदु कृष्णा ने कहा कि सुधाकरन को अपना बयान वापस लेना चाहिए और माफी भी मांगनी चाहिए।
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