सीवीसी ने मांगी सौदे की रिपोर्ट
नेशनल ब्यूरो/एजेंसी
| Feb 18, 2013, 10:36AM IST

नई दिल्ली. हेलिकॉप्टर सौदे में रिश्वत मामले की जांच में तेजी आती जा रही है। अब सीवीसी (केंद्रीय सतर्कता आयोग) ने इस मामले में रक्षा मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है। आयोग मामले की सीधी जांच पर भी विचार कर रहा है। सीबीआई और रक्षा मंत्रालय पहले ही जांच कर रहे हैं। कैग भी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
भारत ने फिनमैकेनिका की सहयोगी कंपनी अगस्तावेस्टलैंड से 12 हेलिकॉप्टर खरीदने का करार 3,546 करोड़ रुपए में किया था। कंपनी पर सौदा तय करने के लिए भारत और इटली में 362 करोड़ की घूस देने का आरोप है। सीवीसी के अधिकारी ने बताया कि आयोग को इस संबंध में शिकायत मिली है। आयोग ने रक्षा मंत्रालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। उन्हें रिपोर्ट को अंतिम रूप देने या आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकतम चार माह का समय मिला है। मौजूदा सीवीसी प्रदीप कुमार इस सौदे पर दस्तखत के समय रक्षा सचिव थे। माना जा रहा कि उन्होंने अपने अधिकारियों को इस मामले की स्थिति की नियमित आधार पर निगरानी को कहा है।
सीबीआई ने ली इटली के वकील से मदद
इस मामले की जांच के लिए सीबीआई और रक्षा मंत्रालय का तीन सदस्यीय दल सोमवार को इटली रवाना होगा। टीम में सीबीआई के दो अधिकारी और रक्षा मंत्रालय का एक अफसर होगा। टीम मंगलवार को इटली पहुंचेगी। इस दल ने इटली की कानूनी प्रक्रिया समझने के लिए वहां के वकील से मदद ली है।
कैमरन से मदद मांगेगा भारत
मामले की जांच में ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से मदद मांगी जा सकती है। घूस देने का आरोप ब्रिटिश कंपनी अगस्तावेस्टलैंड पर है। कैमरन सोमवार को भारत आने वाले हैं। वे पहले मुंबई आएंगे और मंगलवार को दिल्ली पहुंचेंगे।
हाश्क ने मिटा दिए थे दस्तावेज
मामले में शामिल एक दलाल गोइडो हाश्क ने अपने कंप्यूटर से इस मामले से संबंधित सभी फाइलें डिलीट कर दी थीं। लेकिन इटली के जांच दल ने हार्ड डिस्क से इन्हें दोबारा हासिल कर लिया। इतालवी मीडिया में आई एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। हाश्क ने मामले से संबंधी कुछ दस्तावेज मां के घर पर छुपाए थे। इन्हें भी हासिल कर लिया गया है।
टाट्रा ट्रक मामले में मांगी रिपोर्ट
रक्षा संबंधी एक अन्य ‘टाट्रा ट्रक घोटाले’ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। उसने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ब्रिटेन और हांगकांग से रिपोर्ट मांगी है। निदेशालय ने पिछले साल अप्रैल में वेक्ट्रा चेयरमैन रवि ऋषि के खिलाफ इससे संबंधित मामला दर्ज किया था। वह कंपनी की संरचना, भारत और विश्व में इसके व्यापार, इसके शेयर होल्डर्स के बारे में जानना चाहती है। दोनों देशों से इस कंपनी के बैंक लेनदेन की जानकारी भी मांगी गई है।






