16 दिसंबर की रात चलती बस में हुए गैंगरेप मामले में आरोपी नाबालिग का केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ही चलेगा। यह फैसला बोर्ड ने गुरुवार को सुनाया। बोर्ड ने कहा कि नाबालिग की सुनवाई बाकी पांच आरोपियों के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में नहीं होगी। गीतांजलि गोयल की अध्यक्षता वाले इस बोर्ड ने सुब्रह्मण्यम स्वामी की अर्जी रद्द कर दी।
जहां पांच को मौत की सजा या उम्रकैद हो सकती है, वहीं नाबालिग आरोपी को महज 3 वर्ष की ही सजा होने की संभावना है। नाबालिग ने ही युवती को सबसे ज्यादा यातना दी थी। युवती ने मां को बताया था (
पढें- उसकी दरिंदगी की कहानी)।
25 जनवरी 2013 की खास खबरें