देश को खतरा: संसदीय समिति ने भी लगाई सेना प्रमुख की चिंता पर मुहर

नई दिल्ली.सेना की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गठित डिफेंस स्टेंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय सेना में हथियारों की कमी को चिंता का विषय बताया है।
डिफेंस स्टेंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय वायुसेना के लिए सेंक्शन की गई मशीनरी और मौजूदा मशीनरी में भारी फर्क है। समिति ने रिपोर्ट में 18 चीता, 1 चेतक, 76 एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और हथियारों से लैस 60 हेलीकॉप्टरों की कमी बताई है। रिपोर्ट में टैंकों की संख्या और आयुध भंडारण में कमी को भी चिंता की बड़ी वजह बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बंदूकों की कमी भी गंभीर स्तर पर है।
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा बलों में अधिकारियों के लगभग बीस प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। 47762 स्वीकृत अधिकारी पदों में से 10526 पद खाली हैं।
गौरतलब है कि मार्च में आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सेना में हथियारों की कमी को चिंता का विषय बताया था। आर्मी चीफ का यह संवेदनशील पत्र मीडिया में रिलीज होने के बाद काफी हंगामा भी हुआ था।
सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने देश की सुरक्षा को खतरा बताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गोपनीय चिट्ठी लिखकर कहा था कि सेना के टैंक का गोला-बारूद खत्म हो चुका है। हवाई सुरक्षा के उपकरण अपनी ताकत खो चुके हैं। इतना ही नहीं पैदल सेना के पास हथियारों तक की कमी है।
आर्मी चीफ की पीएम को चिट्ठी-हमला हुआ तो बचाने की गारंटी नहीं
गोला-बारूद तो खत्म, अब सिर्फ हौसलों से लड़ेगी सेना!






