दिल्ली के ज्वाइंट सीपी (साउथ वेस्ट) विवेक गोगिया ने
पीडिता के दोस्त की बातों को गलत बताते हुए हुए कहा कि पीसीआर वैन चार मिनट के भीतर मौका-ए-वारदात पर पहुंच गई थी। पीसीआर को पहली कॉल मिलने के बाद पुलिस पीडिता और उसके दोस्त को लेकर 16 मिनट के भीतर सफदरजंग हॉस्पिटल पहुंच चुकी थी। पीसीआर वैन वक्त पर पहुंच गई थी और इन वैन्स के लिए ज्यूरिसडिक्शन का कोई मतलब नहीं होता है। पुलिस अपनी ड्यूटी कर रही थी, कोई वाहवाही लूटने की कोशिश नहीं कर रही थी। पुलिस ने पीडिता के दोस्त को फर्स्ट ऐड दिया। अपने खर्चे पर पीडिता का इलाज करवाया।
ज्वाइंट सीपी ने घटना का ब्यौरा देते हुए बताया कि पीसीआर को पहली कॉल 10:21 बजे रात को मिली। पहली पीसीआर ईगल 47 (E-47) 10:27 बजे मौके पर पहुंची। दूसरी पीसीआर जेब्रा 54 (Z-54) भी 10:28 बजे मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पीडिता और उसके दोस्त को 10:49 बजे जेब्रा 49 में बैठाया और 10:55 बजे सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।