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बलात्‍कारियों को दो फांसी से भी बड़ी सजा

dainikbhaskar.com | Dec 19, 2012, 13:01PM IST
 
 

 
दिल्‍ली में गैंगरेप की ताजा वारदात के बाद इस बात पर बहस तेज हो गई है कि क्‍या बलात्‍कारियों के लिए फांसी की सजा मुकर्रर की जाए। मंगलवार को लोकसभा में भाजपा नेता सुषमा स्‍वराज ने ऐसी मांग कर इस बहस को हवा दे दी। लेकिन सवाल है कि क्‍या बलात्‍कारियों को फांसी दे देने भर से बलात्‍कार की घटनाएं रुक जाएंगी? या फिर बलात्‍कारियों के लिए फांसी की सजा बहुत मामूली होगी? एक डर यह भी है कि अगर ऐसा हो गया तो कहीं हर घटना के बाद बलात्‍कारी पीडि़ता का कत्‍ल ही न करने लग जाए? वैसे भी, भारत में केवल एक-चौथाई मामलों में ही बलात्‍कारियों को अदालत में दोषी साबित कराया जा सकता है और उन्‍हें सजा होती है। ऐसे में क्‍या यह जरूरी नहीं है कि सजा ऐसी हो जिससे बलात्‍कारी नहीं, बल्कि बलात्‍कार को खत्‍म करने में मदद मिले? बलात्‍कार की शिकार लड़की का कोई गुनाह नहीं होता, लेकिन उसे जीवन भर घुट-घुट कर जीना पड़ता है। तो फिर, उसे इस हाल में पहुंचाने वाले बलात्‍कारी को इतनी आसानी से छुटकारा देना ठीक होगा? क्‍या उसे भी कुछ ऐसी सजा नहीं मिलनी चाहिए, जिससे वह जीवन भर खौफ के साथ शर्मिंदगी भरी जिंदगी जीकर अपने पाप का प्रायश्चित करने के लिए मजबूर हो और दूसरों को भी उसे देख कर अपराध नहीं करने की प्रेरणा मिले? ऐसे में अगर सजा के तौर पर ये कुछ विकल्‍प अपनाए जाएं तो इस उद्देश्‍य की प्राप्ति हो सकती है-
 
  • बलात्‍कारी को नपुंसक बना दिया जाए
  • समाज-परिवार से बहिष्‍कृत कर दिया जाए
  • उसके सिर पर 'बलात्‍कारी' का टैटू बनवा दिया जाए
  • उसे जीवन भर जेल में रखा जाए
  • उसे वृद्धाश्रम की सेवा करने की सजा दी जाए
 
आप इस बारे में क्‍या सोचते हैं? अपनी बात कमेंट बॉक्‍स में पोस्‍ट कर दुनिया भर के पाठकों तक पहुंचा सकते हैं और बलात्‍कारियों के लिए सही सजा तय कराने के हमारे अभियान में भागीदार बन सकते हैं...
 
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बलात्‍कार की शिकार लड़की का कोई गुनाह नहीं होता, लेकिन उसे जीवन भर घुट-घुट कर जीना पड़ता है। तो फिर, उसे इस हाल में पहुंचाने वाले बलात्‍कारी को इतनी आसानी से छुटकारा देना ठीक होगा? क्‍या उसे भी कुछ ऐसी सजा नहीं मिलनी चाहिए, जिससे वह जीवन भर खौफ के साथ शर्मिंदगी भरी जिंदगी जीकर अपने पाप का प्रायश्चित करने के लिए मजबूर हो और दूसरों को भी उसे देख कर अपराध नहीं करने की प्रेरणा मिले?

 
 
 

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