दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 1 नवंबर से बंद हो जाएंगे लाखों टीवी
dainikbhaskar.com | Oct 31, 2012, 09:48AM IST

नई दिल्ली। सूचना-प्रसारण मंत्रालय में सत्ता परिवर्तन का कोई असर केबल टीवी के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पर नहीं पडऩे वाला है। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में 1 नवंबर से होने वाला केबल टीवी का डिजिटलीकरण तय समय पर होगा और इसकी तारीख आगे बढ़ाने का कोई इरादा मंत्रालय का नहीं है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की धमकी पर केंद्र सरकार ने कहा है कि 1 नवंबर से के बल टीवी का डिजिटलीकरण एक वास्तविकता हो जाएगी और इस प्रक्रिया में पीछे मुड़कर देखने की संभावना नहीं है।
ममता ने कहा है कि अगर चैनलों ने कोलकाता में 31 अक्टूबर के बाद ब्लैकऑउट किया तो वे धरना देंगी। सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कुल 92 प्रतिशत (डीटीएच उपभोक्ता समेत), मुंबई में 100 प्रतिशत, कोलकाता में 84 प्रतिशत और चेन्नई में 86 प्रतिशत लोगों ने सेट टॉप बॉक्स लगा लिए हैं। मंत्रालय ने चारों शहरों में अपनी टीम तैनात कर रखी है जो यह नजर रख रही है कि 1 नवंबर से होने वाला यह परिवर्तन (एनॉलॉग से डिजिटल) बिना किसी खास दिक्कत के हो रहा है या नहीं।
दिल्ली के कुल 33.41 लाख घरों में से 19.38 लाख घरों में केबल टीवी लगा है। कई घरों में एक से अधिक टीवी सेट हैं इसलिए मंत्रालय का आकलन है कि दिल्ली में केबल टीवी घर 23.26 लाख हैं। मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, मंगलवार तक इनमें 89 प्रतिशत घरों में सेट टॉप बॉक्स लग चुका था। अगर इसमें डीटीएच उपभोक्ताओं को शामिल कर लिया जाए तो दिल्ली में 92 प्रतिशत लोग डिजिटल हो चुके हैं।
यह तय है कि बाकी बचे 8 प्रतिशत लोग (करीब 2 लाख घर जहां केबल टीवी है) 1 नवंबर से बिना सेट टॉप बॉक्स के टीवी नहीं देख पाएंगे। यह पूछने पर कि क्या सरकार ऐसे लोगों को कुछ और वक्त दे सकती है, उक्त अधिकारी ने कहा कि मौजूदा कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है और 1 नवंबर के बाद इन शहरों में एनॉलॉग सिग्नल उपलब्ध कराना गैर-कानूनी हो जाएगा। मंत्रालय को उम्मीद है कि आने वाले हफ्ते में बाकी बचे लोग भी 'डिजिटल' हो जाएंगे। 29 अक्टूबर को ही चार शहरों में 88,000 सेट टॉप बॉक्स लगाए गए, जिनमें 61,000 सिर्फ दिल्ली में लगाए गए।







