मछुआरों की रिहाई के लिए हिंदुस्तान-पाकिस्तान के लोग हुए एकजुट
Source: आशीष महर्षि | Last Updated 13:34(04/10/11)
नई दिल्ली. हिंदुस्तान और पाकिस्तान की जेलों में बंद एक-दूसरे मुल्कों के मछुआरों को छुड़ाने के लिए दोनों देश की तरफ से एक साथ आवाज बुलंद हो रही है।
मछुआरे अपना और अपने परिवार का पेट भरने के लिए समुद्र में उतरते हैं। लेकिन कई बार ज्यादा मछलियों के लालच या तूफान में फंस कर अनजाने में मछुआरे एक दूसरे देश की सीमाओं में प्रवेश कर जाते हैं । ज्यादातर मामलों में इन मछुआरों पर जासूसी करने का आरोप लगा कर कैद कर लिया जाता है। जेल में बंद इन मछुआरों के मामले अदालतों में सही तरीके से न रखे जाने से इन्हें लबे समय तक जेल में बंद रखा जाता है।
कुछ दिनों पहले पाकिस्तान ने सौ भारतीय मछुआरों और दस बोट को जब्त किया है। इसके अलावा पाकिस्तान में फिलहाल 520 भारतीय बोट और हिंदुस्तान में 230 पाकिस्तानी बोट जब्त है।
इस मामले में फिल्म निर्माता महेश भट्ट का कहना है कि दोनों मुल्कों की सरकारों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि अनजाने में समुद्री सीमा पार कर जाने वाले इन मछुआरों की समस्या को मानवीयता के आधार पर ही सुलझाया जा सकता है।
दोनों मुल्कों के नामचीन शख्सियतों ने दोनों देशों की सरकारों से अपील की है कि एक दूसरे देश की जेलों में बंद इन मछुआरों को जल्दी से जल्दी आजाद किया जाए।
अपील करने वाले इन शख्सियतों में कुलदीप नैयर,जतिन देसाई,कमला भसीन के अलावा पाकिस्तान के करमत अली, नसीर असलम जाहिद,मोहम्मद अली शाह शामिल हैं।