Home » National » Latest News » National » First Cases To Be Registered Under The Protection Of Children From Sexual Offence (PCSO) Act-2012

साढ़े तीन साल के बच्‍चे के साथ 23 साल की आया बनाती थी संबंध

Agency | Dec 20, 2012, 11:19AM IST

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली में गैंगरेप पर देश भर में उबाल के बीच गुजरात में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे लोगों का स्‍कूल से भी विश्‍वास उठ सकता है। यह मामला गुजरात का है, जहां आज नरेंद्र मोदी की सत्‍ता में हैट्रिक बनने का जश्‍न मन रहा है। राजधानी अहमदाबाद में एक प्‍ले स्‍कूल में साढ़े तीन साल के बच्‍चे के साथ वहां के एक कर्मचारी ने लंबे वक्‍त तक यौन शोषण किया। जब बच्‍चे के अभिभावक ने स्‍कूल प्रशासन को पूरी घटना की जानकारी दी तो उन्‍होंने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बच्‍चे के पिता ने पुलिस स्‍टेशन में शिकायत दर्ज करा दी है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन करने में जुट गई है। 
 
महानगर के एक प्‍ले स्‍कूल शेश्रया किडस कैंपस की एक आया के खिलाफ इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है। इस पर आरोप है कि उसने साढ़े तीन साल के एक बच्‍चे के साथ यौन शोषण किया। यह बच्‍चा अपने घर में मां और पिता के सामने कई बार अलग अलग सेक्‍स पोजिशन का प्रदर्शन कर रहा था। बच्‍चे के इस असामान्‍य व्‍यवहार के कारण पूरा परिवार चिंतित हो गया। तब बच्‍चे को डॉक्‍टर के पास ले जाया गया तो कई काउंसिलिंग सेशन में पूरी घटना की जानकारी मिल सकी। बच्‍चे  ने बताया किया कि उसके प्‍ले स्‍कूल में 23 वर्षीय आया कोमल मकवाना बिस्‍कुट और चॉकलेट देकर उससे ऐसे काम करवाती है। 
 

सरखेज के डीएसपी निरलिप्‍त रॉय कहते हैं कि यह एक गंभीर अपराध है। पुलिस इस बच्‍चे को न्‍याय दिलाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ने वाली है। वह कहते हैं कि देश में पीसीएसओ कानून 2012 के तहत दर्ज यह पहला मामला हो सकता है।
 
पुलिस ने अभी तक कोमल को अरेस्‍ट नहीं किया है। क्‍योंकि वह एक अस्‍पताल में भर्ती है। प्‍ले स्‍कूल की प्रिंसिपल रूचिका डिंगरा कहती हैं कि उन्‍होंने इस संबंध में कोमल से बात की थी, लेकिन उसने इस आरोप को सिरे से नकार दिया है।  
 
बच्‍चों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले सुखदेव पटेल ऐसी घटनाओं के लिए सरकार को जिम्‍मेदार ठहराते हुए कहते हैं कि प्री स्‍कूलों में सरकार का कोई हस्‍तक्षेप नहीं है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। पटेल कहते हैं कि यह केस साफतौर से बच्‍चे के शोषण से जुड़ा ह़आ है। शहर में मशरूम की तरह ऐसे स्‍कूल खुल गए हैं, जहां बच्‍चों को कैद रखा जाता है। वह मांग करते हैं कि सरकार को इन स्‍कूलों पर नियंत्रण रखना चाहिए। सभी स्‍कूलों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर देना चाहिए। साथ में यहां काम कर रहे लोगों के मानसिक स्‍तर और योग्‍यता को जरूर परखना चाहिए।
 

 


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