दीदी के पांच फैसले जिनसे हिल गयी दिल्ली की गद्दी!

नई दिल्ली.तृणमूल कांग्रेस ने किराना (रिटेल) क्षेत्र में 51 फीसदी एफडीआई की मंजूरी देने, डीजल पांच रुपये प्रति लीटर महंगा करने और लोगों को साल में सिर्फ 6 रियायती सिलेंडर देने की समय सीमा तय करने के विरोध में अब प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगा है। ज्यादातर राज्य सरकारें, खास कर गैर कांग्रेस शासित राज्य, भी रिटेल में एफडीआई के विरोध में हैं। जानलेवा होती महंगाई के बीच पश्चिम बंगाल की सीएम और केंद्र की यूपीए सरकार में अहम सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी ने केंद्र की यूपीए सरकार से बाहर आने का फैसला किया है।
उन्होंने ऐलान किया है कि शुक्रवार को पार्टी के कोटे से केंद्र में मंत्री इस्तीफा देंगे। मंगलवार शाम को कोलकाता में पार्टी की तीन घंटे से लंबी चली बैठक के बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि वे केंद्र की नीतियों से बेहद खफा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हमें न्यूनतम सम्मान भी नहीं देती है। हम लोगों से पूछकर कोई फैसला नहीं होता है। ममता बनर्जी ने सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र कोयला घोटाले से लोगों का ध्यान खींचना चाहती है। ममता जब भी सरकार को सांसत में डालती हैं तो हर बार सपा ने सरकार को संकटमोचन बनकर बचा लिया। ऐसे पांच फैसले आगे पढें।






