10वीं की परीक्षा में 25 फीसदी अंक जरूरी
पंकज कुमार पांडेय
| Feb 09, 2013, 15:30PM IST

नई दिल्ली. सीबीएसई ने समेटिव असेसमेंट में हर विषय में 25 फीसदी वेटेज अंक पाना अनिवार्य कर दिया है। फैसला फिलहाल 9वीं और 10वीं क्लास पर ही लागू होगा। जो 2013-14 सत्र से अमल में लाया जाएगा। अभी सभी फॉर्मेटिव में पास होने पर छात्र समेटिव पर ध्यान नहीं देते थे। लेकिन अब उन्हें समेटिव एसेसमेंट का भी ध्यान रखना होगा।
सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी ने बताया कि छात्रों में पढ़ाई को लेकर कैजुअल अप्रोच के चलते नई मूल्यांकन व्यवस्था लागू की जा रही है। 10वीं में स्कूल स्तर पर होने वाले असेसमेंट के अलावा जो छात्र बोर्ड परीक्षा को विकल्प के रूप में चुनते हैं उन्हें भी समेटिव मूल्यांकन का न्यूनतम अंक हासिल करना जरूरी होगा। इसके साथ ही को-क्यूरीकुलर गतिविधियों में प्रमोट होने वाले छात्रों की सीमा भी तय कर दी गई है। अब इस कटगरी में 5 फीसदी से ज्यादा छात्रों को अपग्रेड नहीं किया जाएगा। पहले जितने छात्र स्पोट्र्स, संगीत आदि ‘को-क्यूरीकुलर’ एक्टिविटीज में बेहतर करते थे, उनको अपग्रेड कर दिया जाता था।
फैसले की वजह
-अभी 40 फीसदी हिस्सा फॉर्मेटिव एसेसमेंट का और 30 प्रतिशत दोनों समेटिव एसेसमेंट का है।
-अलग-अलग पेपर में अंक हासिल करने का न्यूनतम स्तर तय नहीं। इससे छात्र कैजुअल हो जाते हैं।
'सीबीएसई प्राइवेट स्कूलों के दबाव में फिर से पास-फेल का चक्कर शुरू करना चाहती है। दरअसल एक प्रचलित माहौल है कि बिना फेल हुए बच्चे नहीं सीखेंगे। केब की मीटिंग में कुछ राज्यों ने भी ऐसी शिकायत की थी। सीबीएसई ने इस दबाव के चलते ही फैसला किया होगा। लेकिन यह सीसीई की अवधारणा के खिलाफ है।'
- विनोद रैना, शिक्षाविद, केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (केब) के सदस्य।






