चीन को लेकर खेल मंत्रालय से विदेश मंत्रालय नाराज
बीजिंग.भारत को लेकर चीन के खतरनाक इरादे फिर जाहिर हुए हैं। चीन की यात्रा पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल को तब आश्चर्य हुआ जब उस दल ने देखा कि चीन सरकार के फंड पर चलने वाली संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सीनियर रिसर्च फेलो ने अपने प्रेजेंटेशन में एक कुत्ते को योग की मुद्रा में बैठा हुआ दिखाया। सीनियर रिसर्च फेलो कुत्ते के जरिए भारत को लेकर सीमा विवाद समेत तमाम मुद्दों पर चीन के बेपरवाह और शांत रवैये को दिखाना चाहता था। लेकिन चीन के इन थोथे दावों की हवा तभी निकल गई, जब नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने एक खेल मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल में शामिल अरुणाचल प्रदेश के एक सदस्य को वीज़ा देने से मना कर दिया।
लेकिन एक सदस्य को वीज़ा न दिए जाने के बावजूद प्रतिनिधिमंडल चीन गया। खेल मंत्रालय की सचिव नीता चौधरी ने वीजा न दिए जाने के बावजूद प्रतिनिधिमंडल के चीन जाने के फैसले को सही ठहराया है। नीता चौधरी ने कहा, 'एक सदस्य को वीजा न दिए जाने की जानकारी एयरपोर्ट पर मिली। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।'
सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर आई है कि विदेश मंत्रालय खेल मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल चीन भेजने के फैसले से नाखुश है। मंत्रालय का कहना है कि चीन के रवैये को देखते हुए या तो अरुणाचल प्रदेश से किसी को प्रतिनिधिमंडल में शामिल ही नहीं करना चाहिए था या फिर वीजा न मिलने पर यात्रा ही रद करनी चाहिए थी। चीन द्वारा वीजा न दिए जाने की बात खेल मंत्रालय को एक दिन बाद बताई गई। चौधरी ने कहा कि वे वीजा़ न दिए जाने की जानकारी सरकार को दे देंगी। चीन अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा मानता रहा है। यही वजह है कि चीन पूर्वोत्तर भारत के लोगों को वीजा देने से अक्सर इनकार करता है।







