आत्मसमर्पण किए आतंकवादी को फांसी पर सवाल
राजनीतिक विश्लेषक और जानी मानी लेखिका अरुंधति राय कहती हैं अफजल गुरू एक सरेंडर्ड मिलिटेंट था, इसके बावजूद उसे फांसी दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अफजल जो कि एक सरेंडर्ड मिलिटेंट है देश के खिलाफ राष्ट्रदोह के कार्यों में लिप्त रहा है। वह समाज के लिए खतरनाक है और उसका जीवन खत्म कर देना चाहिए। अरुंधति कहती हैं कि इस पैराग्राफ में यह जाने बिना कि आज की तारीख में कश्मीर में सरेंडर्ड मिलिटेंट का क्या मतलब होता है, गलत तर्कों का इस्तेमाल किया गया है। नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर अफजल की फांसी का विरोध करने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा, हरीश सुंदरम और एपवा अध्यक्ष कविता कृष्णन कहते हैं कि अफजल एक सरेंडर्ड मिलिटेंट था और उसे फेयर ट्रायल भी नहीं मिला था।