फायदा चिदंबरम का
धंधा रिटेल का और मुश्किलें थोक की। संसद ठप है, लेकिन यह भी फायदे का धंधा साबित हो रही है। सरकार साफ फायदे में है। लोकपाल, खाद्य सुरक्षा, भूमि अधिग्रहण बिल लाने से जान छूटी। महंगाई की चख-चख भी चखकर बंद हो गई। लेकिन असली फायदे में कौन रहा? अपने पी. चिदंबरम। गृहमंत्री। 2जी घोटाले को लेकर विपक्ष ने भाई का बायकॉट कर रखा है। संसद चलती तो बायकॉट होता और बेवजह पब्लिक को फिर 2जी घोटाले की याद आ जाती। रिटेल मामले ने सचमुच थोक में मुश्किलें खत्म की हैं।
बहुत ऊंची बात
थोड़ी-बहुत दिक्कतें बाकी हैं। घोटाले उजागर होने के बाद जब सचमुच गिरफ्तारी और दो-चार को सचमुच तिहाड़ हो गई, तो परेशानी तो होनी ही थी। इधर आरटीआई, उधर पीआईएल, सिर पर अन्ना वाला माहौल। इससे डरकर अब कंपनियों से जुड़े मामलों में न अफसर कोई कलम चला रहे हैं, न मंत्री। कपिल सिब्बल कबूल भी करते हैं कि न्यायपालिका के डर के कारण अब अफसरों-मंत्रियों को हर कदम फूंक-फूंककर रखना पड़ रहा है। वैसे लंबी चुप्पी के बाद कोई बहुत ऊंची बात कही है श्रीमानजी ने।
गूंजता रहा थप्पड़
वैसे ऊंची बातें सुनने-सुनाने का लालच करते हैं टीवी वाले। शरद पवार को थप्पड़ पड़ा, टीवी पर गूंजने लगा, और टीवी वालों को सूझी कि इस पर पवारपुत्री सुप्रिया सुले की टिप्पणी ली जाए। संसद परिसर में ही। जब सुप्रिया ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं कि क्या हुआ है, तो टीवी वाले टीवी पर दिखाने तक को तैयार हो गए। वैसे सारी पार्टियों ने थप्पड़ कांड की आलोचना की है। पता नहीं कब किसका नंबर आ जाए? उस पर जमाना रियलिटी टीवी का है। काश, किसी टीवी वाले को नवजोत सिद्धू की टिप्पणी लेने का आइडिया सूझता।
जेटली की वेबसाइट
विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज का ट्वीटिंग जीवन एक बरस का हो गया। कम्बख्त ट्विटर ने ‘जन्मदिन’ की बधाई दे डाली और इसके बाद बधाई संदेशों का तांता लग गया। सुषमा को स्पष्ट करना पड़ा कि भई ये मेरा ‘जन्मदिन’ नहीं है। विपक्ष के दूसरे नेता अरुण जेटली इस मामले में सुखी हैं। न फेसबुक, न ट्विटर। लोगों ने फर्जी खाते बना रखे हैं और उन पर भी कानूनी कार्रवाई का इरादा है। लेकिन अरुण जेटली डॉट कॉम नाम से वेबसाइट करीब-करीब तैयार है।
साथ जिएंगे,साथ..
ट्वीटिंग जीवन सुषमा स्वराज को अरुण जेटली से अलग करता है और दोनों में मतभेद की खबरें भी खूब छपती रहती हैं। हाल ही में संसद में सुषमा के कक्ष में जब पत्रकार बैठे हुए थे, तभी अरुण जेटली वहां आ गए। सुषमा ने बताया कि किस तरह वह और अरुण जेटली दोनों एक ही उम्र के हैं, एक ही कद और पद के हैं और दोनों मे और भी बहुत सारी समानताएं हैं। किसी ने टिप्पणी कर दी कि आडवाणी की रथयात्रा के दौरान दोनों एक साथ बीमार भी पड़े थे। इस पर दोनों एक साथ हंसे और बोले, यह तो किसी की साजिश थी कि हम एक साथ मर भी जाएं।
ममता की सादगी
ममता बनर्जी की सादगी आंखें खोल देने वाली है। मुख्यमंत्री होने के बावजूद व्यापार मेले में पश्चिम बंगाल का प्रचार करने के लिए जब वह दिल्ली आईं, तो सरकारी हवाई टिकट लेकर नहीं, बल्कि साथी मुकुल रॉय की ‘साथी’ के तौर पर। दिल्ली में ठहरीं भी एक साथी सांसद के बंगले में। पश्चिम बंगाल में वाकई काफी गरीबी है, और उसके लिए केंद्र से मदद मांगने का हक ममता अपनी निजी जिंदगी से भी जता रही हैं।
भूल गए अवार्ड
बत्तीस रुपए से लेकर एफडीआई तक गरीबी-बदहाली चर्चा में है। वो क्या कहते हैं, ‘बजवर्ड’ है। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाईवी रेड्डी को एक समारोह में तमाम कॉपरेरेट और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया। रेड्डी साब ने देश की माली हालत पर अपने सुझाव पेश किए। लोगों ने तालियां भी बजाईं। लेकिन इस भावुक भाषण के बाद रेड्डी साब अवार्ड लेना ही भूल गए। चंद कदम चलने के बाद पलटे और फिर अवार्ड लेकर सीट पर लौटे।
संत श्री आहलुवालिया
राज्यसभा में भाजपा के उपनेता एसएस आहलुवालिया के बारे में यह बात कम ही लोग जानते हैं कि वह बहुत अच्छे प्रवचनकार भी हैं। गुरुद्वारों में वह नियमित प्रवचन करते हैं। हाल ही में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल में वह स्पीकर मीरा कुमार के साथ थाईलैंड की यात्रा पर गए थे। वहां एक मौके पर उन्होंने कृष्ण-सुदामा संवाद पर एक घंटे का ऐसा प्रवचन दिया कि सुनने वालों में ज्यादातर लोगों के आंसू छलक आए। प्रवचन के बाद स्पीकर ने खुद खड़े होकर उनका स्वागत किया और कहा कि ऐसा प्रवचन संसद के केंद्रीय कक्ष में भी होना चाहिए।
मिलन सितारों का
अभिषेक-ऐश्वर्या की बिटिया ने जन्म लेते ही अमिताभ बच्चन का उनके पुराने दोस्त अमर सिंह से मेल करा दिया। अमर सिंह बच्चन परिवार से मिलने मुंबई के सेवन हिल्स अस्पताल पहुंचे। अमिताभ बच्चन उन्हें वापस छोड़ने अस्पताल के दरवाजे तक आए। लेकिन दरअसल इन दोस्तों की लंबी खटास में कमी तभी से आने लगी थी, जब अमिताभ बच्चन अमर सिंह को देखने एम्स गए थे। तब अमर सिंह कैदी की हैसियत से भर्ती थे और अब इलाज कराने के लिए जमानत पर हैं। वैसे तबियत ठीक ही है, लेकिन शायद इलाज कराने सिंगापुर जाएं।
गिरधर बनेंगे जेएस
1988 बैच के आंध्रप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी एस गिरधर की नियुक्ति जल्द ही संयुक्त सचिव पेट्रोलियम के पद पर होने वाली है। उनके छोटे भाई साई मनोहर एमपी कैडर के हैं और दोनों ही भाई अपनी ईमानदारी और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
खुल्लर जाएंगे बेल्जियम!
वाणिज्य और उद्योग सचिव राजीव खुल्लर को बेल्जियम में भारत का अगला राजदूत बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है।
मलयाली लॉबी से टक्कर
टेलीकॉम कमीशन में मेंबर फाइनेंस के लिए एलाइड सर्विसेज की श्रीमती साधना दीक्षित के नाम को मंजूरी मिल गई है। हालांकि मलयाली लॉबी अब भी उन्हें रोकने के लिए पूरा जोर लगाए हुए है।