खाद्य सुरक्षा विधेयक में सरकार करेगी संशोधन
अमित मिश्रा
| Feb 04, 2013, 14:15PM IST

नई दिल्ली. आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार अपने फ्लैगशिप कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा को कानून में तब्दील करने की तैयारी में जुटी है। इसके तहत विधेयक के मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खाद्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार स्थायी समिति की कई महत्वपूर्ण सिफारिशों को खाद्य सुरक्षा विधेयक में शामिल करने का नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सरकार की योजना खाद्य सुरक्षा विधेयक 2011 को आगामी बजट सत्र में पेश करने की है। सूत्रों ने बताया कि स्थायी समिति ने विधेयक पर अपनी सिफारिशें दो सप्ताह पहले ही लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी हैं। समिति ने अपनी सिफारिशों में खाद्य सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के साथ ही बेसहारा लोगों को कानून के दायरे में लाने की सिफारिश भी की है। लोकसभा अध्यक्ष ने समिति की सिफारिशों को खाद्य मंत्रालय के पास भेजा है जिसका यहां अध्ययन चल रहा है। सूत्रों ने यह भी बताया कि विधेयक के मसौदे में संशोधन के लिए खाद्य मंत्री प्रो केवी थॉमस ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रक्षा मंत्री एके एंटनी से मुलाकात की है।
सूत्रों ने बताया है कि विधेयक के मसौदे में लगभग एक दर्जन बदलाव किए जाने पर सहमति बन चुकी है। विधेयक के मूल ढांचे पर किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। इस विधेयक में देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी सुरक्षा के दायरे में लाने का प्रावधान किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष विलास मुत्तमवार के अनुसार, विधेयक के मूल प्रावधान में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। प्रत्येक व्यक्ति को पांच किलो की दर से सरकार अनाज देगी। गरीबों को चावल 3 रुपए और गेहूं 2 रुपए और मोटा अनाज 1 रुपया प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, बेसहारा महिलाओं, बच्चों और इन लोगों से जुड़े विशेष समूहों के अलावा प्राकृतिक आपदा के शिकार के साथ भुखमरी के दौर से गुजर रहे लोगों को अनाज देने के साथ साथ गर्भवती महिलाओं को पोषण के लिए छह महीने के लिए एक हजार रुपए प्रतिमाह देने की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा बच्चों के लिए हल्के नाश्ते (स्नैक्स) भी देने की योजना है।
खाद्य सुरक्षा बिल को कानूनी अमली जामा पहनाने के लिए खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कमर कस ली है। सोनिया ने इस विषय में खाद्य मंत्री केवी थॉमस को निर्देश दिया है कि इस संशोधित मसौदे को बजट सत्र में पास कराने की कोशिश की जाए, जिससे यूपीए सरकार का एक संदेश आम आदमी को जाए।







