सेतुसमुद्रम पर पचौरी समिति की रिपोर्ट खारिज
एजेंसी | Feb 24, 2013, 10:27AM IST

नई दिल्ली. सरकार सेतसमुद्रम परियोजना से पीछे नहीं हटेगी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में उसने आरके पचौरी समिति की रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया। इसमें कहा गया है कि यह प्रोजेक्ट राष्ट्रहित में है। वहीं, भाजपा ने सरकार को चेतावनी दी है कि रामसेतु से छेड़छाड़ को देश के करोड़ों हिंदू बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पचौरी समिति ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में कहा था कि सेतुसमुद्रम जहाजरानी चैनल परियोजना आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से व्यवहारिक नहीं है। इसके बाद भी सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाना चाहती है। यह प्रोजेक्ट राम सेतु (एडम्स ब्रिज) को काटता हुआ गुजरेगा। पौराणिक गाथाओं में कहा गया है कि राम सेतु को पार करने के बाद ही भगवान श्रीराम और उनकी वानर सेना ने लंका पर चढ़ाई की थी। सरकार की परियोजना के अनुसार प्रस्तावित चैनल 30 मीटर चौड़ा, 12 मीटर गहरा और 167 किलोमीटर लंबा होगा। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘हम रामसेतु मामले में सरकार को चेतावनी देना चाहते हैं। वह आरके पचौरी समिति की सिफारिशों की अनदेखी करके परियोजना पर आगे बढ़ रही है। यह मुद्दा हिन्दू भावना और आस्था से जुड़ा है। भाजपा और देश राम सेतु से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगा। राम सेतु को काटना ही इस परियोजना के लिए सरकार को एकमात्र विकल्प क्यों नजर आ रहा है? राम सेतु के बिना आप रामायण की कल्पना नहीं कर सकते हैं। इससे करोड़ों हिन्दुओं की आस्थाएं जुड़ी हैं।’






