विज्ञापन
 
Home >> National >> Latest News >> National >> Govt Fixes Age Of Consent At 16 In New Anti-Rape Law

एंटी रेप बिल को कैबिनेट की हरी झंडी

भास्कर न्यूज नेटवर्क | Mar 15, 2013, 17:26PM IST
 
 

नई दिल्ली। आखिरकार कैबिनेट ने सांसदों और देश की भावनाओं को दरकिनार कर फैसला ले ही लिया। कैबिनेट ने
सहमति से यौन संबंध बनाने की उम्र 18 से घटाकर 16 करने को मंजूरी दे दी। एंटी रेप बिल का मसौदा गुरुवार को कैबिनेट में पेश किया गया, जिसे हरी झंडी मिल गई है। अब सोमवार को इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा। इसकी प्रति राजनीतिक दलों को भी सौंपी जा सकती है, ताकि वे सोमवार को सर्वदलीय बैठक में राय दें। सर्वदलीय बैठक में इस विधेयक पर सहमति बना पाना सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। कई दल इसे भारतीय समाज के अनुकूल नहीं पाते हैं। अगर यहां सहमति बनी तो ही यह संसद में पेश किया जाएगा। सरकार के पास इस विधेयक को पास कराने के लिए 22 मार्च तक का समय है। मंत्री समूह में शामिल तीन मंत्री अश्विनी कुमार, कृष्णा तीरथ और कपिल सि?बल उम्र घटाने के पक्ष में नहीं थे। कांग्रेस समेत सभी दलों के अधिकांश सांसद उम्र घटाने के खिलाफ हैं। बुधवार को चिदंबरम की अगुवाई वाले मंत्री समूह ने इसे मंजूर किया था।
 
बलात्कार की परिभाषा 
 
सूत्रों के मुताबिक मौजूदा प्रारूप में बलात्कार शब्‍द को परिभाषित किया गया है। पहले यह यौन उत्पीडऩ था। सूत्रों के मुताबिक कोई व्यक्ति अगर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसी महिला सहकर्मी से कोई यौन फायदा उठाना चाहता है, तो वह भी अपराध की श्रेणी में आएगा। मसलन, शिक्षक छात्रा से, अधिकारी सहकर्मी से, डाक्टर मरीज से और मकान मालिक किराएदार से अगर किसी तरह के शारीरिक संबंध की मांग करता हो तो वह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आएगा। 
 
पीडि़ता का पक्ष 
 
पीडि़त महिला से पुलिस अधिकारी जांच के दौरान उसके पिछले इतिहास को नहीं पूछ सकते। अगर ऐसा किया गया तो वह अधिकारी सजा का हकदार होगा। इंटरनेट, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर भी अश्लील टिप्पणी या तंग करना अपराध की श्रेणी में आएगा। लेकिन यह जमानत योग्य होगा। लेकिन महिला को निर्वस्त्र करना गैर जमानती होगा। तेजाब फेंकना गैरजमानती होगा। 
 
पीडि़त सिर्फ महिला 
 
मंत्री-समूह ने बलात्कार में पीडि़त के तौर पर सिर्फ महिला को ही रखने पर सहमति दी है। हालांकि भारतीय दंड संहिता की धारा 211 के तहत अगर कोई महिला किसी पुरुष को फंसाने की मंशा से कोई आरोप लगाती है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। बिना इजाजत के किसी महिला को देखना अपराध की श्रेणी में आएगा लेकिन यह जमानत योग्य है। साथ ही बिना इजाजत के स्पर्श जमानत योग्य अपराध की श्रेणी में है लेकिन किसी महिला का पीछा करना गैर जमानती श्रेणी में है। 
 
वैवाहिक बलात्कार 
 
अगर पति-पत्नी कानूनी तौर पर अलग हो गए हैं तो बिना सहमति के शारीरिक संबंध बलात्कार माना जाएगा। इसके अलावा अगर बलात्कार किसी सरकारी अधिकारी के द्वारा सरकारी भवन में होता है तो वह कठोर सजा का हकदार होगा। पीडि़ता का इलाज का खर्चा सरकार वहन करेगी और पीडि़ता का इलाज करने के लिए हर चिकित्सा केंद्र में चाहे वह निजी हो या सरकारी बाध्य होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो लाइसेंस रद्द हो सकता है। 

 

छत्‍तीसगढ़ के मिशन स्‍कूल में फादर ने किया चार छात्राओं के साथ रेप !

वेश्‍या का दर्द: जिस बेटे को दी इज्‍जत की जिंदगी, वह महसूस करता है 'बेइज्‍जती' 

17 साल के 'कॅरियर' में दो करोड़ कमा लेती हैं मेरठ की वेश्‍याएं

एक VIP पर 3 पुलिसवाले, नेताओं पर बलात्‍कारियों को पनाह देने का आरोप, फिर कैसे रुकेंगे रेप?

छलका अनुष्‍का का दर्द, करीबी ने ही बनाया था हवस का शिकार

''6 साल की उम्र में पहली बार हुआ था मेरा बलात्‍कार, उतरवा दिए थे पूरे कपड़े''

नौवीं के छात्र के साथ 5 साथियों ने किया सेक्‍स, फिल्म भी बनाई  

दिल्ली में जारी हैवानियत : दुष्कर्म में असफल युवक ने लड़की के मुंह में डाली रॉड

 

14 मार्च की अन्य खास खबरें

 

आपके विचार
 
 
कोड:
2 + 2

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Job Alerts
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment