एन डी तिवारी को हाईकोर्ट का झटका

नयी दिल्ली.कांग्रेस के बुजुर्ग नेता एन डी तिवारी को डीएनए टेस्ट के लिए खून का नमूना देना पडे़गा। दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आज इस मामले में एकल पीठ के आये फैसले को दरकिनार कर दिया। एकल पीठ ने कहा था कि पिता होने के निर्धारण करने के लिए एनडी तिवारी को ब्लड सैंपल देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है।
जस्टिस ए की सिकरी और जस्टिस राजीव सहाय एडंला ने अपने फैसले में कहा कि इस काम के लिए अगर जरूरत पड़े तो पुलिस की भी मदद ली जा सकती है।
इस मामले में एक युवक रोहित शेखर ने याचिका दायर की थी। शेखर का दावा है कि वह 86 वर्षीय एन डी तिवारी का पुत्र है। एकल पीठ के फैसले को शेखर ने गत 23 सितम्बर 2011 को चुनौती दी थी जिसपर सुनवाई के बाद 28 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।
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