कैसे एक आम आदमी बना देश का सबसे बड़ा आतंकी, जानिए

नई दिल्ली। सैयद जबिद्दीन उर्फ सैयद जकिउद्दीन उर्फ जबी अंसारी उर्फ जबी उर्फ आसिफ उर्फ रियाज अली खान मोहम्मद उर्फ अबु जुंदाल मूल रूप से मोहल्ला हाथी खाना, गांव व पोस्ट ऑफिस बीड, जिला बीड का रहने वाला है।
13 नवंबर 1981 में जन्मे जबिउद्दीन ने बीड जिले में स्थित आईटीआई से इलेक्ट्रिकल डिप्लोमा करने के बाद जिले के ही कॉलेज से बी.एस.सी पास की थी। बी.एस.सी करने के बाद उसने गांव में ही इलेक्ट्रिकल की दुकान खोली।
दिल्ली पुलिस के सामने दिए बयान में जकिउद्दीन ने खुलासा किया है कि वर्ष 2002 में गुजरात के गोधरा में हुए दंगों से वह काफी परेशान हो गया था। वह पहले से ही सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) से प्रभावित था और अक्सर उसकी सभा में भाग लेता था। वह अक्सर दुकान का सामान लेने के सिलसिले में औरंगाबाद जाया करता था। जहां उसकी मुलाकात अमीन नामक शख्स से हुई।
अमीन ने उसे गोधरा दंगों में मुसलमानों पर हुए अत्याचार का हवाला देते हुए आतंक की राह की ओर मोड़ा। अमीन ने उसकी मुलाकात कुछ और लोगों से भी कराई, जो आतंकी गतिविधियों से जुड़े हुए थे।
सिमी पर बैन लगने के बाद आमिर रजा खाना ने रियाज व इकबाल भटकल के साथ मिल कर इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) का गठन किया। जिसके बाद वह भी आईएम का सक्रिय सदस्य बन गया।
वह अमीन व अन्य लोगों के साथ राहिल शेख की मदद से बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान गया, जहां उसे पाकिस्तान-ईरान बॉर्डर पर लश्कर के कैंप में आतंकी ट्रेनिंग दी गई।
इसके बाद वह वापस भारत आया और अपने गांव में ही रहने लगा। उसे महाराष्ट्र व यूपी से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का जिम्मा दिया गया।
फिर उसे पाक अधिकृत कश्मीर बुलाया गया, जहां भारत से आने वाले कश्मीरी व अन्य युवाओं को प्रशिक्षण आदि दिलाने का इंतजाम करना होता था। वर्ष 2008 में आईएम द्वारा दिल्ली में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों की साजिश में सैयद जबिउद्दीन उर्फ अबु जुंदाल भी शामिल था।
इस बम धमाके के बाद लश्कर का भारत में अब तक का सबसे बड़ा आतंकी ऑपरेशन मुंबई 26/11 हमले में भी इसने काफी अहम भूमिका निभाई। इस हमले की साजिश के अलावा आतंकियों को भाषा की ट्रेनिंग भी इसने दी।
कसाब से होगा सामना
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सैयद जबिउद्दीन उर्फ अबु जुंदाल से पूछताछ करने के लिए महाराष्ट्र एटीएस की टीम भी लगातार दिल्ली पुलिस के संपर्क में है।
महाराष्ट्र एटीएस सैयद जबिउद्दीन को प्रोडक्शन वारंट पर मुंबई ले जाना चाह रही है, जिसके बाद वह उससे पूछताछ करने के साथ साथ उसका सामना अजमल कसाब से भी कराएगी। जिससे इसके खिलाफ सबूत और पुख्ता हो जाएगा।
पाक में शादी कर चुका है सैयद जबिउद्दीन
मई 2006 में महाराष्ट्र एटीएस ने औरंगाबाद से एके 47 व आरडीएक्स का काफी बड़ा जखीरा पकड़ा था। पुलिस इस मामले में सैयद जबिउद्दीन की तलाश कर रही थी। इसकी भनक लगते ही वह फिर से बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान चला गया। यहां वह लश्कर के बड़े कमांडरों से मिला।
इसके बाद उसकी मुलाकात रियाज व इकबाल भटकल तथा आमिर रजा खान से भी हुई। पाकिस्तान में रहने के दौरान ही उसने एक युवती से शादी कर ली और इस शादी से उसके बच्चे भी हैं।
कुछ समय पहले वह पाकिस्तान से सउदी अरब चला गया था और वहां पर नौकरी कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से सउदी अरब व पाकिस्तानी पासपोर्ट भी बरामद किए हैं।








