अब कैसे जलेगा जिंदल के घर चूल्हा?

नई दिल्ली. फेस्टिव सीजन से पहले एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने एक साल में सबसिडी पर केवल छह सिलेंडर देने की घोषणा क्या की, मार्केट में पहले से ही ब्लैक में बिक रही रसोई गैस के दाम एकाएक बढ़ गए। ब्लैक में एक सिलेंडर एक हजार रुपए और कहीं-कहीं इससे भी ज्यादा कीमत में मिल रहा है। कश्मीर घाटी में स्थित गैस एजेंसियों ने अभी से उपभोक्ताओं से अधिक कीमतें वसूलनी शुरू कर दी हैं। सरकार का निर्णय प्रभावी होने से बहुत पहले ही कश्मीर में रसोई गैस की 'किल्लत' हो गई है। छत्तीसगढ़ के पखांजूर में तो गैस सिलेंडर 1100 रुपये की दर से मिल रहे हैं। जबकि रायपुर के हजारों लोग महीने में एक सिलेंडर हासिल करने के लिए तरसते रहे, लेकिन मंत्री, नेताओं और अफसरों ने डंके की चोट पर 20 से 34 गैस सिलेंडर हासिल किए।
सिलेंडर वितरकों ने भी कमीशन बढ़ाने की मां को लेकर देशभर में एक अक्टूबर को हड़ताल की धमकी दी है। उनका कहना है कि अगर एक दिन की हड़ताल से बात नहीं बनी तो वे लंबी हड़ताल पर भी जा सकते हैं। वहीं, सब्सिडी के गैस सिलेंडर बांटने में हो रही परेशानी के मद्देनजर भोपाल में राज्यभर के डिस्ट्रीब्यूटर्स आज बैठक कर रहे हैं। एलपीजी का कोटा तय किए जाने सहित सरकार के कई फैसलों के खिलाफ हाल में भारत बंद भी रहा था।






