माना जा रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य आजम गोरी ने मकबूल को हैदराबाद में बम विस्फोटों के लिए रेकी करने काम सौंपा था जो उससे 1999 में पहली बार मिला था। उस समय मकबूल 17 साल का था।
फोटोः हैदराबाद बम ब्लास्ट के बाद अस्पताल के बाहर की एक तस्वीर।
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