शिंदे के सेल्फ गोल ने सांसत में डाला
केंद्र सरकार को लग रहा है कि आतंकी हमले की वजह से सरकार के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिशों को धक्का लगा है। इस हमले के बाद सरकार एक बार फिर बैकफुट पर है। जिस तरह से गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इंटेलीजेंस इनपुट होने की बात कही, उससे सरकार की ही किरकिरी हुई है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने माना कि जब केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर कांग्रेस की सरकार है तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर खुफिया सूचनाओं पर सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर पाई। ऐसे में एनसीटीसी के गठन का मसला छेड़कर आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार अपनी तत्परता का एहसास दिलाने का प्रयास कर सकती है।
एक के बाद एक कई अहम मौकों पर बयान देने में चूक कर रहे गृहमंत्री को लेकर कांग्रेस में एक धड़ा असहज महसूस कर रहा है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि गृह मंत्री काफी संजीदा हैं। वे पूरी ईमानदारी से काम भी कर रहे हैं लेकिन उन्हें बयान देते वक्त सजग रहने की जरूरत है। शिंदे तेलंगाना के गठन को लेकर समयसीमा तय करके फंस चुके हैं। हिंदू आतंकवाद पर उन्होंने विवादित बयान दिया। बाद में उन्हें यू टर्न लेकर कहना पड़ा कि उनके बयान का आधार नहीं था।